अगर आपने नक्शे के विपरीत मकान बनाया या प्लॉटिंग की है तो अब इस कार्रवाई के लिए तैयार रहें

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गाजियाबाद. गाजियाबाद  (Ghaziabad) में अवैध निर्माण (Illegal Construction) रोकने के लिए जीडीए (GDA) ने अब एक नया प्लान तैयार किया है. खासकर जीडीए ने जोन- 6,7 और 8 को लेकर एक विशेष रणनीति बनाई है. बता दें कि गाजियाबाद में सर्वाधिक अवैध निर्माण इसी तीन जोन में होते हैं. इस जोन में इंदिरापुरम, अभयखंड, न्यायखंड, शक्तिखंड, ज्ञानखंड, वैभवखंड, नीतिखंड, अहिसाखंड, वैशाली, कौशांबी, ब्रिज विहार, रामप्रस्थ, सूर्यनगर, चंद्रनगर, शालीमार गार्डन एक्सटेंशन, भोपुरा, इंद्रप्रस्थ एन्क्लेव और लोनी सहित कई दर्जन भर इलाके और आते हैं. जीडीए ने अब जिले के सभी जोन के प्रवर्तन प्रभारियों को सख्त हिदायत दी है कि अब इन इलाकों में नक्शे के विपरीत किसी भी भवन में एक भी पिलर बनने नहीं दिया जाए.

जीडीए का क्या है प्लान
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का कहना है कि अगर मकान बनाते समय ही पिलर नहीं बनाने दिया जाएगा तो आगे अवैध निर्माण की संभावना नहीं होगी. इसके लिए जीडीए ने हर जोन के लिए अलग-अलग नियम बनाए हैं. इसके लिए इलाके के जेई को हर रोज एरिया में जा कर अपडेट देना होगा कि उस इलाके में कहां-कहां मकान बनने शुरू हुए हैं और इतने भवनों का निरीक्षण किया गया.

नक्शे के विपरीत किसी भी भवन में एक भी पिलर बनने नहीं दिया जाएगा.

जीडीए के फरमान के बाद क्यों जीडीए में ही बेचैनी है?
जीडीए के इस फरमान के बाद पदाधिकारियों के होश उड़ गए हैं. अब जेई और असिस्टेंट इंजीनियर हर रोज नोडल अधिकारी को बताएंगे कि इलाके में भवनों की स्थिति क्या है. इसके बाद नोडल अधिकारी और जीडीए के वीसी खुद रिपोर्ट के आधार पर इलाके का औचक निरीक्षण करेंगे. जीडीए को अगर जेई के द्वारा दी गई रिपोर्ट निरीक्षण में नहीं मिलती है तो फिर जूनियर इंजीनियर और संबंधित अधिकारियों पर वीसी के स्तर पर कार्रवाई की जाएगी.

हर जोन के लिए अलग-अलग प्लान
जीडीए के इस फैसले के बाद जूनियर इंजीनियर और उनसे नीचे काम करने वाले कर्मचारियों में खौफ पैदा हो गया है. सीपी त्रिपाठी के नोडल अफसर बनते हैं यह नया फरमान आया है. बता दें कि पहले भी जब कंचन वर्मा जीडीए की वीसी थीं तो इलाके का औचक निरीक्षण के लिए एक टीम का गठन किया गया था. उस टीम का नेतृत्व सीपी त्रिपाठी कर रहे थे.

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गाजियाबाद में अवैध निर्माण के खिलाफ जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करुणेश की सख्ती का असर दिखना शुरू हो गया है.

अवैध निर्माण पर पहले क्यों नहीं दिखी सख्ती
गाजियाबाद में अवैध निर्माण के खिलाफ जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करुणेश की सख्ती का असर दिखना शुरू हो गया. जीडीए के नए नोडल अधिकारी (प्रवर्तन) सीपी त्रिपाठी इसको लेकर लगातार अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहे हैं. नए नोडल अधिकारी ने इंजीनियरों को साफ निर्देश दिया है कि किसी भी स्थिति में अवैध निर्माण या अवैध प्लॉटिंग न हो.

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इन इलाकों के लोगों की नींद भी उड़ेगी
कुलमिलाकर गाजियाबाद के 6 से लेकर 8 जोन में सर्वाधिक अवैध निर्माण हुए हैं और हो भी रहे हैं. :जोन-6 में वैशाली, इंदिरापुरम, अभयखंड, न्यायखंड, शक्तिखंड, ज्ञानखंड, वैभवखंड, नीतिखंड, अहिसाखंड, और कौशांबी आते हैं. जोन-7 में ब्रिज विहार, रामप्रस्थ, सूर्यनगर, चंद्रनगर, लाजपत नगर, राजेंद्र नगर, श्याम पार्क, शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2 और गणेशपुरी क्षेत्र आते हैं. वहीं जोन- 8 में शालीमार गार्डन मेन, शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-प्रथम, भोपुरा, चिकंबरपुर, शहीद नगर, ज्ञानी बार्डर, तुलसी निकेतन, कोयल एन्क्लेव, इंद्रप्रस्थ एन्क्लेव और लोनी क्षेत्र आते हैं. ये सारे जोन जीडीए के लिए मलाईदार जोन माने जाते हैं. इन तीनों जोन में अधिकारियों की तैनाती के लिए ऊंची सिफारिशें भी लगती हैं और फिर तैनाती पाने वाले अवैध निर्माण की आड़ में जमकर उगाही करते हैं.

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