अजब-गजब: मुज्जफरनगर के इस गांव में रहते हैं कलयुग के ‘पांच पांडव’, पढ़ें दिलचस्‍प कहानी

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रिपोर्ट: अनमोल कुमार

मुजफ्फरनगर. अभी तक आपने महाभारत की कहानी सुनी होगी. महाभारत के पांच पांडवों के बारे में भी आप जानते होंगे, लेकिन आज हम आपको ऐसे पांच पांडवों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो कलयुग के पांच पांडव के नाम से जाने जाते हैं. यूपी के मुजफ्फरनगर के गांव पचेंडा कला में एक परिवार है, जो पांच पांडव के नाम से मशहूर है. यह परिवार मुजफ्फरनगर ही नहीं बल्कि आसपास के जनपदों में भी पांच पांडव के नाम से ही जाना जाता है. बताया जाता है कि महाभारत काल में पांच पांडवों ने गांव पचेंडा कलां में इन्हीं के पूर्वजों के आवास पर विश्राम किया था. इस कारण इनके दादा के द्वारा इन पांचों भाइयों के नाम महाभारत के पांडवों के नाम पर ही रखे गये हैं.

News 18 लोकल टीम को जानकारी देते हुए पांच पांडव में से एक अर्जुन पहलवान ने बताया कि जैसे पांच पांडवों के पिता जी का नाम पांडू था. वैसे ही हमारे पिताजी का नाम धर्मवीर था. हमारे दादा के द्वारा हमारे पिता का नाम धर्मवीर इसलिए रखा गया था, क्योंकि हमेशा धर्म की ही जीत होती है. उन्होंने बताया कि 5000 साल पहले भी हमारे ही परिवार के लोग पांडव थे. आज भी हम ही अर्जुन ,भीम, नकुल, सहदेव, युधिष्ठिर कलयुग के पांच पांडव हैं.

परिवार में सबके 5 पुत्र
अर्जुन ने कहा कि हम पांडवों के वंशज हैं. हमारी माता का नाम श्यामो देवी है. हम अपनी माता के 5 पुत्र हैं. हमारे पांचों भाइयों के भी 5 ही पुत्र हैं. गांव में हमने 10 साल प्रधानी भी की है. हमने आज तक किसी का बुरा नहीं चाहा. हमेशा गरीब और आशय लोगों का साथ दिया है. उन्होंने बताया कि हमारा आवास गांव के बीचों-बीच था. जहां पर 5000 वर्ष पूर्व पांच पांडवों ने आकर विश्राम किया था. इसीलिए हमारे दादा के द्वारा हमारे नाम भी पांच पांडवों के नाम पर ही रखे गए, तब से ही हम कलयुग के पांच पांडव के नाम से जाने जाते हैं.

आस पास के तीन जिलों में है चर्चा
अर्जुन का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में कोई शक्ल से जानता है तो कोई नाम से जानता है. आज के दौर में हमारा परिवार कलयुग के पांच पांडव के नाम से जाना जाता है. कुछ हम इसलिए भी फेमस है क्योंकि हमारे द्वारा 33 वर्षो से दंगल व रागनी कंपटीशन का आयोजन कराया जाता है, जिसमें विदेशों से भी पहलवान दंगल लड़ने आते हैं. हमारे द्वारा दंगल जीतने वाले को विशेष इनाम भी दिया जाता है. इस बार हमारे द्वारा 33वां विशाल दंगल रागनी कंपटीशन किया गया था, जिसमें जीतने वाले को 500000 रुपए का इनाम दिया था.

Tags: Mahabharata, Muzaffarnagar news, UP news



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