अब 21 अगस्त नहीं 4 सितम्बर को टूटेगा ट्विन टावर, जानें कैसे बदली तारीख

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नोएडा. सुपरटेक (Supertech) के ट्विन टावर (Twin Tower) के टूटने में अब एक और नया ट्विस्ट आ गया है. सियान और एपेक्स टावर अब 21 अगस्त नहीं 4 सितम्बर को टूटेंगे. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Tower) में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एडिफिस कंपनी को यह बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने कहा कि 4 सितम्बर तक ट्विन टावर गिरा दिए जाएं. टावर गिराने को लेकर बड़ा पेंच फंसा हुआ था. नोएडा पुलिस (Noida Police) और सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (CBRI) की एनओसी के चलते अभी तक टावर में विस्फोटक लगाने का काम शुरू नहीं हो पाया है. विस्फोटक लगाने के काम में देरी के चलते ही एडिफिस ने नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) के सामने कई तरह के सवाल खड़े किए थे.

सीबीआरआई ने यह आरोप लगाए हैं बिल्डर पर

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआरआई ने बिल्डर और एडिफिस इंजीनियरिंग कंपनी पर कुछ आरोप लगाए थे. सीबीआरआई का कहना था कि उनकी ओर से उठाए गए सवालों के जवाब की रिपोर्ट नहीं दी जा रही है. उठाए गए सवालों में सुरक्षा के साथ ही आसपास के टावरों की सुरक्षा, मानक, कंपन रिपोर्ट और टावरों की मजबूती के बारे में पूछा गया है. इसके साथ ही यह आरोप भी लगाया है कि तय एग्रीमेंट के मुताबिक बिल्डर फीस के तौर पर उन्हें 70 लाख रुपये भी नहीं दे रहा है. 6 अगस्त को होने वाली बैठक में यह मुद्दा भी उठेगा. खास बात यह है कि जब तक सीबीआरआई को रिपोर्ट नहीं मिलेगी वो तक तब विस्फोटक लगाने की एनओसी नहीं देगी.

नोएडा पुलिस ने दो दिन इसलिए नहीं दी थी एनओसी

जानकारों की मानें तो रीजनल एक्सप्लोसिव कंट्रोलर का दफ्तर आगरा में है. ट्वीन टावर के मामले में रीजनल ऑफिस आगरा से एक रिपोर्ट चीफ एक्सप्लोसिव कंट्रोलर, नागपुर को जानी थी. लेकिन यह रिपोर्ट वक्त से नहीं पहुंची है. जिसके चलते नोएडा पुलिस ने भी अपनी एनओसी रोक दी. जानकारों का कहना है कि पुलिस की एनओसी काफी हद तक चीफ एक्सप्लोसिव कंट्रोलर की रिपोर्ट पर टिकी हुई थी. उम्मीद थी कि नोएडा पुलिस से एनओसी मिलते ही ट्विन टावर में बारुद लगाने का काम शुरू हो जाएगा. लेकिन टावर में विस्फोटक लगाने के लिए अब सीबीआरआई की एनओसी का इंतजार हो रहा है.

टावर गिराने के लिए ऐसे लगाया जाएगा विस्फोटक

टावर गिराने के लिए बिल्डिंग के कॉलम और बीम में विस्फोटक भरे जाते हैं. कॉलम और बीम को वी शेप में काटा जाता है. फिर उसके अंदर विस्फोटक की छड़ रख दी जाती है. विस्फोटक ग्राउंड फ्लोर से लेकर 1 और 2 फ्लोर तक तो लगातार विस्फोटक रखा जाता है. लेकिन उसके बाद 4-4 फ्लोर का गैप देकर जैसे दूसरे के बाद 6 पर और 6 क बाद 10, 14, 18 और 22वें जानकारों की मानें तो किसी भी हाईराइज बिल्डिंग को गिराने के लिए उसके कॉलम और बीम में फ्लोर पर विस्फोटक भरा जाएगा.

सूत्रों की मानें तो इसके लिए पूरी बिल्डिंग में करीब 7 हजार छेद किए जाएंगे. विस्फोटक लगाने के दौरान टावर में सिर्फ कंपनी के इंजीनियर और जेट डिमोलिशन के एक्सपर्ट को ही जाने की अनुमति होगी. नोएडा पुलिस ने दोनों टावर को अपनी निगरानी में ले लिया है. अब 24 घंटे नोएडा पुलिस की निगाह टावर पर रहेगी. बारुद लगाने के दौरान भी सीसीटीवी से पूरे परिसर में निगाह रखी जाएगी. सीसीटीवी लगाने का काम भी चल रहा है. इसके लिए अलग से कंट्रोल रूम बनाया गया है.

Tags: Noida Authority, Supertech twin tower, Supreme Court



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