अयोध्या: राम मंदिर के लिए राजस्थान से भी आने लगे पिंक स्टोन, अगले साल बनकर तैयार हो जाएगी पहली मंजिल

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अयोध्या. धर्म नगरी अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण कार्य जोरशोर से चल रहा है. राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट की योजना दिसंबर 2023 तक श्री राम जन्मभूमि मंदिर की पहली मंजिल तैयार कर रामलला को गर्भ गृह में स्थापित करने की है. इसके साथ ही दर्शनार्थियों के लिए मंदिर खोल दिया जाएगा और 2025 तक राम जन्मभूमि परिसर में भव्य और दिव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा.

राम मंदिर के लिए यहां प्लिंथ का काम लगभग पूरा हो चुका है और गर्भ गृह का चबूतरा निर्माण होने के बाद फर्श का काम शुरू हो जाएगा. इसके बाद जरूरत पड़ेगी मंदिर का स्ट्रक्चर खड़ा करने के लिए तराशे गए पत्थरों की. इसके लिए श्री राम जन्मभूमि कार्यशाला में श्री राम मंदिर निर्माण के लिए जो पत्थर तराशे गए थे, उन्हें भी राम जन्मभूमि परिसर की अस्थायी कार्यशाला में पहुंचाया जा रहा है. वहीं अयोध्या के बाहर राजस्थान में स्थापित कार्यशालाओं से भी तराशे गए पत्थरों का भी अब आना शुरू हो गया है.

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इन तरासे गए पत्थरों को आपस में जोड़ने के लिए तांबे की पत्ती का इस्तेमाल किया जाएगा. तांबे की पत्ती पर किसी भी तरीके के जंग लगने की कोई संभावना नहीं होती. लिहाजा मंदिर की लंबी आयु के लिए तराशे गए पत्थरों को आपस में जोड़ने के लिए तांबे की पत्ती लगाई जाएंगी. पत्थरों को आपस में जोड़ने के लिए जिन तांबे की पट्टियां का इस्तेमाल किया जाना है, उसे भी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड ने भेजना शुरू कर दिया है. मंदिर निर्माण में 70 हजार तांबे की पत्तियों का इस्तेमाल होना है.

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राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा ने बताया कि जो पत्थर लगने हैं, उनका आना प्रारंभ हो गया है. राजस्थान के कार्यशाला में जो पत्थर तराशे गए हैं, उसका 4 ट्रक आ चुका है. पत्थरों को जोड़ने के लिए लगने वाली तांबे की पत्तियां हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड ने भेजना प्रारंभ कर दिया है. हमारी जो कार्य पद्धति है सही दिशा में चल रही है, हमारा अनुमान है कि हम तय समयसीमा में ही भगवान को गर्भ गृह में स्थापित कर देंगे.

वह कहते हैं, ‘इतना कहा जा सकता है कि दिसंबर तक 1 मंजिला इमारत बनाकर भगवान को गर्भ गृह में स्थापित कर दिया जाएगा. जब भी मुहूर्त मिलेगी तब भगवान को गर्भ गृह में स्थापित करके दर्शनार्थियों के लिए दर्शन उपलब्ध कराया जाएगा. शेष मंदिर का निर्माण चलता रहेगा.’

वहीं विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद जी ने बताया कि 1990 के दशक के ही पिंक स्टोन पत्थर को तराशने का काम हो रहा था. मंदिर निर्माण तेजी के साथ चल रहा है. चबूतरे के निर्माण के बाद अब भगवान के गर्भ गृह के निर्माण की तैयारी है, इसलिए बंसी पहाड़पुर के पिंक स्टोन पत्थर जो हल्के गुलाबी रंग के हैं. उन पर राजस्थान में ही नक्काशी कराई गई है और वहां से पत्थर अयोध्या आ रहे हैं. मंदिर निर्माण में बदलाव के बाद तराशे गए पत्थरों में और पत्थरों की आवश्यकता थी. ऐसे में ट्रस्ट ने समय की बचत के लिए राजस्थान के सिरोही जनपद के पास ही पत्थर तराशी की 3 कार्यशाला लगाई है. अब उन कार्यशाला में पत्थर तरासे जा रहे हैं और वह अयोध्या पहुंच रहे हैं.

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Tags: Ayodhya News, Ram Mandir



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