अयोध्या से सैकड़ों लोगों ने क्यों की अखिलेश यादव से मुलाकात, जानिए असल वजह?

0
46


हाइलाइट्स

सेना के जवानों ने अखिलेश से की मुलाकात
अयोध्या जिला प्रशासन ने अवैध मकानों पर चलवाया बुलडोजर
बिजली का बिल और सरकारी टैक्स के बाद चला मकानों पर बुलडोजर

लखनऊ. रामनगरी अयोध्या में रहने वाले सैकड़ों लोगों ने सोमवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर मदद की गुहार लगाई है. मदद की गुहार लगाने वालों में 30 से ज्यादा सेना के परिवार वाले भी शामिल थे. अयोध्या प्रशासन ने इन लोगों में से कई लोगों के घरों पर बुलडोजर चला दिया है. प्रशासन ने बुलडोजर चलाने के पीछे वजह बताया है कि यह मकान बाढ़ इलाके में है. सेना के परिवार वालों ने बताया कि अयोध्या विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन उनके घरों पर बुलडोजर चला रही है. अयोध्या के विधायक और मेयर पर भी सेना के परिवार वालों ने गंभीर आरोप लगाए है.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात करने वालों में ज्यादातर या तो आर्मी के रिटायर्ड जवान थे या फिर सेना के वह जवान जो कि सरहद पर तैनात हैं उनके परिवार के जन (पत्नी ) मुलाकात करने वालों में शामिल थे. मुलाकात के दौरान तमाम लोगों ने बताया कि किस तरह से मेहनत की कमाई से इन्होंने अयोध्या में प्लॉट लिए और अपने घरों का निर्माण कराया और आज की तारीख में अयोध्या विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन इनके मकान को गिराने पर आतुर है, जबकि कुछ लोगों के मकान गिरा भी दिए गए हैं.

25 हजार का इनामी ‘गालीबाज’ श्रीकांत त्यागी खटखटा सकता है इलाहाबाद HC का दरवाजा, अग्रिम जमानत की कोशिश

इन तमाम लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर इनका मकान अवैध कैसे हो सकता है जब प्लॉटिंग के दौरान सरकारी दस्तावेजों में इनकी जमीन आवासीय दर्ज है, जबकि अयोध्या नगर निगम ने यहां पर लाइट और तमाम सुविधाएं भी दे रखी है. यह तमाम लोग सरकार के टैक्स भी अदा कर रहे हैं साथ ही बिजली विभाग से इनके पास कनेक्शन भी है और लगातार बिजली का बिल भी दे रहे हैं. मुलाकात करने वाले लोगों ने अपील की है कि अगर उनके मामले में दखल नहीं दिया गया तो उन लोगों के घरों को जिला प्रशासन बुलडोजर से गिरा देगा.

Tags: Akhilesh yadav, Ayodhya News, Indian army, Lucknow news, UP bulldozer action, Yogi government



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here