आजम खान को एक और झटका, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी याचिका की खरिज

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हाइलाइट्स

कोर्ट ने जौहर यूनिवर्सिटी में पुलिस बल की तैनाती के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज कर दी
याची का कहना था कि पुलिस की मौजूदगी विश्वविद्यालय परिसर में तनाव फैला रही है.

प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट से पूर्व मंत्री व सपा के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान और बेटे अब्दुल्ला आजम को बड़ा झटका लगा है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी रामपुर में पुलिस बल की तैनाती के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज कर दी है. यह आदेश जस्टिस व के बिडला और जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की खंडपीठ ने दिया.

याची का कहना था कि पुलिस की मौजूदगी विश्वविद्यालय परिसर में तनाव फैला रही है. पठन-पाठन का माहौल खराब हो रहा है. पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की याचिका में स्थानीय प्रशासन पर कई आरोप लगाए गए थे. याचिका में कहा गया था कि शिकायत के बावजूद स्थानीय प्रशासन पुलिस बल हटा नहीं रहा है, जिससे विश्वविद्यालय में भय का माहौल व्याप्त है. प्रवेश प्रक्रिया रुकी हुई है और पढ़ाई नहीं हो पा रही है.

कुलपति ने डीएम को पत्र लिखकर पुलिस हटाने की मांग की थी
गौरतलब है कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर से नगर पालिका की सफाई मशीन जमीन के भीतर दबी मिली थी. साथ ही मदरसा आलिया से चोरी की गई किताबें भी बरामद हुई थीं. जिसके बाद से ही यूनिवर्सिटी में पुलिस की तैनाती की गई है. इसको लेकर 22 अक्टूबर को विश्वविद्यालय के कुलपति ने डीएम को पत्र भेजकर पुलिस को हटाने की मांग की थी. जिसके बाद पुलिस हटा ली गई थी, लेकिन फिर से 31 अक्टूबर की मध्य रात्रि में यूनिवर्सिटी में पुलिस तैनात कर दी गई. जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा था कि शिक्षा के मंदिर में पुलिस की तैनाती होने से विद्यार्थियों में दहशत का माहौल है. इस वजह से यूनिवर्सिटी में नए दाखिले भी नहीं हो रहे हैं और पुलिस के डर से कई कर्मचारी नौकरी छोड़ कर जा चुके हैं.

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यूनिवर्सिटी कैंपस से पुलिस को हटाने की लगाई थी गुहार
यूनिवर्सिटी के दो सहायक वित्त अधिकारियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. जिनकी रिहाई 15 अक्टूबर को जेल से हुई थी. दोनों की गिरफ्तारी की वजह से विद्यार्थियों को नो ड्यूज नहीं मिल पाया। इससे अगली कक्षाओं की परीक्षा प्रभावित हुई. जौहर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने कहा था कि यूनिवर्सिटी आपके राज्य की धरोहर है. आप कभी भी यहां आकर निरीक्षण कर सकते हैं. मामले में डिप्टी रजिस्ट्रार ने डीएम को पत्र भेज कर वहां तैनात पुलिस को हटाने की मांग की. इसको लेकर रजिस्ट्रार ने यूनिवर्सिटी के 74 कर्मचारियों के हस्ताक्षर वाला पत्र भेजा था, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया. इसके बाद पूर्व मंत्री ने हाईकोर्ट के समक्ष गुहार लगाई थी.

Tags: Allahabad high court, Azam Khan, UP latest news



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