आदेश गुप्ता और मीनाक्षी लेखी ने लगाए ये गंभीर आरोप,BJP allegation did not change Arvind Kejriwal government after High Court rebuke

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नई दिल्ली. भाजपा ने शुक्रवार को दिल्ली की अरविंद केजरीवाल ( Arvind Kejriwal ) सरकार को आड़े हाथों लिया. प्रदेश कार्यालय पर भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता, नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी और सांसद मीनाक्षी लेखी ने संयुक्त प्रेसवार्ता की. इस दौरान नेताओं ने कहा कि उच्च न्यायालय की फटकार और निर्देशों के बावजूद केजरीवाल के रवैये में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है. यह उच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना है. इससे स्पष्ट है कि वे न तो जनता के प्रति अपनी कोई जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं और न ही उन्हें न्यायालय की परवाह है.

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि उच्चतम और उच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना करना केजरीवाल की दिनचर्या बन चुकी है. संकट के दिनों में भी केजरीवाल सरकार अपने कारनामों से बाज नहीं आई. कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी के कारण दिल्ली के कई बड़े अस्पतालों जैसे बत्रा अस्पताल, सर गंगाराम अस्पताल और जयपुर गोल्डन अस्पताल में लगभग 57 मरीजों ने दम तोड़ दिया लेकिन, केजरीवाल सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा. उच्च न्यायालय ने ऑक्सीजन की कमी के कारण मरने वाले रोगियों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की याचिका पर भी केजरीवाल को निर्देशित किया है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाया गया है.

उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी महामारी में अतिरिक्त सहायता पहुंचाने की जगह एमसीडी के 216 करोड़ रुपए पुराने ब्याज के काट लिए गए. 27 अप्रैल को कोर्ट ने साफ कहा कि यह समय गिद्ध बनने का नहीं है और ना ही राजनीति करने का है क्योंकि केजरीवाल सरकार न ही समय पर ऑक्सीजन दिला पाई और ना ही समय पर दवाइयां. जबकि अपनी हर गलती को केंद्र का बताने वाली केजरीवाल सरकार असफल होने के बाद केंद्र से ही सहायता की गुहार लगाती हुई नजर आई. सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल देश के एक ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने यह कहा है कि केंद्र सरकार हमें काम नहीं करने देती और इकलौते ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्हें कोर्ट से लगातार फटकार मिलती रही है.

दिल्ली भाजपा ने केजरीवाल सरकार से पूछे 6 सवाल1. ऑक्सीजन की कमी को लेकर कई बार उच्च न्यायालय ने फटकार लगाई और कहा कि केजरीवाल सरकार लोगों की जान की रक्षा करने में असफल साबित हुई है.फिर भी केजरीवाल सरकार पर इन फटकारों का कोई असर नहीं हुआ ?

2. कालाबाजारी पर उच्च न्यायालय ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि एक ओर केजरीवाल सरकार आर्टिफिशियल शोर्टेज बता रही है और दूसरी ओर ऑक्सीजन सिलेंडर, कंसंट्रेटर, दवाइयों, इंजेक्शन की कालाबाजारी में लिप्त है. हम लोगों को मरने नहीं दे सकते हैं, बावजूद इसके हालात क्यों नहीं सुधारे गए ?

3. प्रवासी, दिहाड़ी और निर्माण कार्य में मजदूरों का पलायन रोकने में केजरीवाल सरकार नाकाम रही. उच्च न्यायालय के निर्देश पर भी उनके लिए उचित कदम क्यों नहीं उठाये ?

4. उच्च न्यायालय ने कोरोना के चरम पर टेस्टिंग की घटती संख्या को लेकर केजरीवाल सरकार पर प्रश्नचिन्ह खड़ा किया, लेकिन टेस्टिंग के आंकड़े बढऩे की बजाय क्यों घटते रहे?

5. उच्च न्यायालय ने कहा कि स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा गर्त में है और केजरीवाल सरकार शुतुरमुर्ग की तरह व्यवहार कर रही है. केजरीवाल सरकार के व्यवहार में कोई बदलाव क्यों नहीं आया?

6. हाईकोर्ट के जजों, कर्मचारी और उनके परिवार को फाइव स्टार होटल की सुविधा देने की घोषणा कर न्यायपालिका को प्रभावित करने का अलोकतांत्रिक कार्य क्यों किया केजरीवाल सरकार ने ?



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