इटावा: मुरम हटाने के विवाद में सपा नेता की पीट-पीटकर हत्या; गांव में तनाव, पुलिस बल तैनात

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इटावा. उत्तर प्रदेश के इटावा में सपा नेता की दिन-दहाड़े पीट पीट कर हत्या से हड़कंप मच गया. घटना इटावा जिले के इकदिल इलाके के कल्याणपुर गांव की है, जहां मंगलवार को छोटे से विवाद पर पीट-पीट कर हत्या दी गई. हत्या के शिकार हुए गिरजेश राजपूत सपा यूथ विंग के विधानसभा उपाध्यक्ष थे. बताया गया कि मौरम डालने को लेकर हुए छोटे से विवाद पर पड़ोसी घर के लोगों ने पीट-पीट कर सपा नेता की हत्या कर दी.

मृतक गिरजेश राजपूत सपा यूथ विंग के विधानसभा उपाध्यक्ष थे. एसपी सिटी कपिल देव सिंह ने बताया कि दो गुटों के बीच हुए विवाद में गिरजेश को गंभीर चोट आने के बाद इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां पर डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. सीओ सिटी और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है. हत्या के बाद से गांव मे तनावपूर्ण स्थिति हो जाने की वजह से वहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

मौरम डालने को लेकर था पूरा विवाद
पीडित परिवार द्वारा दर्ज कराए गए FIR के आधार पर पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्यवाई करने मे जुट गई है. पूरे मामले में पुलिस दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. परिजनों के अनुसार उनके पड़ोसी ने कुछ दिन पहले घर बनवाने के लिए मुरम मंगवाई थी. पड़ोसी ने मुरम तो उठवा लिया था, लेकिन उसकी बजरी सड़क पर मृतक के घर के सामने ही छोड़ दिया था. मंगलवार सुबह घर के बाहर साफ-सफाई करने के दौरान गिरजेश ने पड़ोसी से बजरी हटाने के लिए कहा तो पड़ोसी उनसे भिड़ गए.

इसी बीच सपा नेता की पत्नी घर से बाहर निकल आई और दूसरे पक्ष से करीब आधा दर्जन पुरुष और महिलाएं बाहर आ गए. गिरजेश अपनी पत्नी को समझा बुझाकर अंदर भेजने लगा, तभी आरोपियों ने उस पर पीछे से लाठी डंडों से हमला कर दिया. हमले में सपा नेता के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आ गई, आनन फानन में उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

एक सप्ताह पहले हुई थी बेटी, चेहरा भी नहीं देखा पाया
मृतक गिरजेश राजपूत की पत्नी पूनम ने एक सप्ताह पूर्व ही पुत्री को जन्म दिया था. नवजात ने अभी अपने पिता का चेहरा भी नही देख पाया और उसके सर से पिता का साया हट गया. हत्या के बाद से मृतक की पत्नी व परिवार के लोगों को रो रोकर बुरा हाल है. मृतक अपने मां बाप का इकलौता पुत्र था. उसकी शादी फरवरी 2021 में पूनम के साथ हुई थी. मृतक के पिता कथा भागवत कर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे.

परिजनों ने पुलिस पर लगाए आरोप
मृतक के परिजनों ने गिरजेश की मौत के लिए पुलिस की असंवेदनशीलता को भी जिम्मेदार ठहराया. परिजनों ने बताया गिरजेश के घायल होने के बाद परिवार के लोग उसे लेकर इकदिल थाना पहुंचे तो पुलिस ने उसे गंभीरता से नही लिया. घायल को थाने लेकर गए पिता को ही पुलिस ने थाने में बैठा लिया. पिता लगातार वहां मौजूद पुलिस कर्मियों से कहते रहे कि उसके पुत्र की हालत काफी गंभीर है उसे तुरंत अस्पताल भिजवा दें, लेकिन पुलिस ने वहां आधा घंटे से अधिक समय अस्पताल भिजवाने में लगा दिया.

जब अस्पताल से गिरजेश के मरने की खबर थाने पहुंची उसके बाद पुलिस ने उसके पिता बाल कृष्ण शास्त्री को छोडा गया. सपा जिला अध्यक्ष गोपाल यादव ने बताया कि मृतक गिरजेश लोहिया वाहिनी का विधान सभा का उपाध्यक्ष थे. उनका आरोप है कि पुलिस ने अमानवीयता का परिचय दिया है. घायल को थाने से अस्पताल भेजने में पुलिस ने काफी देरी की साथ ही उसके पिता को भी थाने में बैठा लिया. गिरजेश की हालत काफी गंभीर थी यदि पुलिस उसके तुरंत ही अस्पताल भेज देती तो हो सकता है समय से उपचार मिलने पर उसकी जान भी बच सकती थी.

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