एस्ट्राजेनेका वैक्सीन और ब्लड क्लॉटिंग में है लिंक, EU ड्रग रेगुलेटर बोला-लेकिन फायदे ज्यादा

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ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन से ब्लड क्लॉटिंग की खबरों के बाद कई यूरोपीय देशों में वैक्सीनेशन रोका गया था. (फाइल फोटो)

ये एक रेयर तरीके की ब्लड क्लॉटिंग (Rare Blood Clot) है. लेकिन रेगुलेटर ने यह भी कहा है कि वैक्सीन से फायदा इतना ज्यादा है कि ब्लड क्लॉटिंग के बेहद रेयर मामलों को अनदेखा किया जा सकता है.

ब्रसेल्स. यूरोपीय यूनियन (European Union) के ड्रग रेगुलेटर (Drug Regulator) ने कहा है कि उसे एस्ट्राजेनेका वैक्सीन और ब्लड क्लॉटिंग के बीच लिंक मिला है. ये एक रेयर तरीके की ब्लड क्लॉटिंग है. लेकिन रेगुलेटर ने यह भी कहा है कि वैक्सीन से फायदा इतना ज्यादा है कि ब्लड क्लॉटिंग के बेहद रेयर मामलों को अनदेखा किया जा सकता है. यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी ने बुधवार को जारी एक बयान में 18 साल और इससे अधिक आयु के लोगों के लिए टीके के इस्तेमाल को लेकर किसी नए प्रतिबंध की घोषणा नहीं की.

गौरतलब है कि यूरोपीय देश डेनमार्क, नॉर्वे और आइसलैंड ने अपने यहां ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन से वैक्सीनेशन पर तात्कालिक रोक लगा दी थी. इसे लेकर एक्सपर्ट्स ने स्टडी की थी. फिर यूरोपियन यूनियन के एक्सपर्ट्स ने कहा था कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन से ब्लड क्लॉटिंग जैसी गंभीर समस्याओं के कोई संकेत नहीं मिले हैं. लेकिन अब यूरोपीय ड्रग रेगुलेटर को दोनों के बीच लिंक मिले हैं. लेकिन ये मामले बेहद रेयर हैं.

भारत के एक्सपर्ट ने भी चिंता न करने की थी अपील
इससे पहले भारत में नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने भी कोविशील्ड को लेकर चिंता न करने की अपील की थी. उन्होंने साफ कर दिया है कि वैक्सीनेशन से कोई खतरा नहीं है. पॉल ने कहा-वैक्सीनेशन के बाद की गंभीर स्थितियों पर निगाह रखने वाली भारत की कमेटी ने भी कोविशील्ड से ब्लड क्लॉटिंग को नकारा है. बीते कुछ दिनों से ये कमेटी लगातार ऐसे मामलों पर निगाह रख रही थी. मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं. ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका प्रोजेक्ट में भारत का सीरम इंस्टिट्यूट पार्टनर रहा है और इस वैक्सीन को कोविशील्ड के नाम से बना रहा है.









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