ऐसा दिखेगा नोएडा का सिग्नेचर ब्रिज, अभी जरूरी होने पर ही जाएं पर्थला गोलचक्कर

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पर नोएडा. पर्थला गोलचक्कर दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के बीच ट्रैफिक की एक अहम कड़ी है. यह नोएडा को ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गाजियाबाद (Ghaziabad), हापुड़, बुलंदशहर और दिल्ली से जोड़ता है. लेकिन बीते कई साल से खासतौर पर सुबह और शाम के वक्त ट्रैफिक की सांसे हांफने लगी हैं. मिनटों का सफर घंटों का होकर रह गया है. ट्रैफिक (Traffic) को और ज्यादा आरामदायक बनाने के लिए गोचलक्कर के पास फ्लाई ओवर का निर्माण कराया जा रहा है. इसे नोएडा का सिग्नेचर ब्रिज भी कहा जा रहा है.  पर्थला फ्लाई ओवर (Parthala flyover) पर गॉर्डर रखने और दोनों साइड की रैंप बनाने का काम चल रहा है. इसकी लागत 81 करोड़ रुपये आई है.

जरूरी होने पर ही जाएं पर्थला गोलचक्कर तक

ट्रैफिक पुलिस की मानें तो रूट डायवर्जन प्लान के चलते कभी-कभी गोलचक्कर के आसपास ट्रैफिक का लोड ज्यादा हो जाता है. इसीलिए वाहन चालकों से अपील की गई है कि बहुत ज्यादा जरूरी होने पर ही पर्थला गोलचक्कर और उसके आसपास से गुजरें. नए रूट डायवर्जन प्लान के तहत डीएससी रोड, फेज-दो, सेक्टर-80, 115, 118 की ओर से गढ़ी चौखंडी, सेक्टर-69, 63ए, छिजारसी व एनएच-9 की ओर जाने के लिए पर्थला गोलचक्कर से बायीं ओर मुड़कर सेक्टर-71 की ओर 400 मीटर आगे जाकर यू-टर्न लेकर सभी तरह के वाहन सेक्टर-121 से होकर जा सकेंगे.

वहीं किसान चौक की ओर से पर्थला गोलचक्कर के रास्ते गढ़ी चौखंडी, छिजारसी और एनएच-9 की ओर जाने वाले वाहनों के लिए गोलचक्कर से दायीं ओर का रास्ता बंद रहेगा. वाहनों को सीधे जाकर 400 मीटर आगे से यू-टर्न लेकर सेक्टर-121 होते हुए जाना होगा.

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इसके साथ ही सेक्टर-71 से किसान चौक की तरफ जाने वाले वाहनों को पहले गोलचक्कर से बायीं ओर मुड़कर सेक्टर-121 होकर एफएनजी मार्ग होते हुए जाना होगा. फिलहाल के लिए सेक्टर-121 से पर्थला की ओर जाने वाले रोड को बैरिकेड लगाकर संकरा कर दिया गया. आने वाले दिनों में इस रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा. लेकिन लोगों की सहूलियत के लिए गोलचक्कर के पास यू-टर्न की व्यवस्था लागू कर दी जाएगी.

तेज से चल रहा है केबल सस्पेंशन का काम

नोएडा अथॉरिटी से जुड़े अफसरों की मानें तो नया रूट डायवर्जन प्लान लागू होते ही पर्थला फ्लाई ओवर पर केबल सस्पेंशन का काम शुरू हो गया है. 1400 टन वजन का स्टील का स्ट्रक्चर पिलर पर रखा जा रहा है. अहमदाबाद से अलग-अलग हिस्सों में गॉर्डर और केबिल आ चुके हैं. कुल 18 गॉर्डर इस फ्लाई ओवर पर रखे जाएंगे. 600 मीटर लम्बा यह फ्लाई ओवर तीन पिलर पर टिका होगा. क्योंकि सिग्नेचर ब्रिज की तरह ऊपर से यह 250 तारों पर टिका होगा. यह 6 लेन का फ्लाई ओवर है.

जानें सिग्नेचर ब्रिज बनने से किन सेक्टरों को होगा सबसे ज्यादा आराम

मास्टर प्लान रोड नंबर-3 नोएडा की सबसे व्यस्त सड़क मानी जाती है. इसी के चलते पर्थला गोल चक्कर पर भी जाम लगता है. लेकिन अब पर्थला फ्लाई ओवर (सिग्नेचर ब्रिज) बन जाने के बाद जाम के झाम से निजात मिल जाएगी. दिल्ली और नोएडा के लोग आराम से ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर जा सकेंगे. इतना ही नहीं शहर के सेक्टर-51, सेक्टर-52, सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-71, सेक्टर-72, सेक्टर-73, सेक्टर-74, सेक्टर-75, सेक्टर-76, सेक्टर-77, सेक्टर-78, सेक्टर-79, सेक्टर-121 और सेक्टर-122 में रहने वालों को भी खासा आराम मिलेगा. नोएडा से ग्रेटर नोएडा वेस्ट जाने वालों को भी आसानी हो जाएगी.

Tags: Bridge, Delhi-ncr, Ghaziabad News, Noida Authority



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