ओबीसी आरक्षण पर सरकार को सुप्रीम कोर्ट से भी मिल सकता है झटका, जानिए क्यों। mp news caveat over obc reservation filed in Supreme Court know why– News18 Hindi

0
25


जबलपुर.  ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) को लेकर हाई कोर्ट से लगातार झटका खा रही प्रदेश सरकार अब सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है. प्रदेश सरकार के इस रुख के चलते सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट दायर कर दी गई है. यह कैविएट अधिवक्ता आदित्य संघी ने दायर की है. संघी ओबीसी  आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाकर्ता छात्रा आशिता दुबे के वकील भी हैं.

दरअसल, हाल ही में प्रदेश सरकार ने OBC आरक्षण को लेकर हाई लेवल मीटिंग की थी. इस मीटिंग में फैसला लिया गया था कि अब वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. गौरतलब है कि 2019 से लगातार यह मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में लंबित चल रहा है. पिछली सुनवाई में भी हाईकोर्ट ने प्रदेश में बढ़े हुए 27 प्रतिशत OBC आरक्षण पर अपनी रोक को बरकरार रखा था. हाई कोर्ट ने सिर्फ 14 फीसदी ओबीसी आरक्षण ही प्रदेश में लागू रहने की बात कही थी.

वकील ने दी ये दलील

इसके पूर्व सरकार अपने जवाब से स्पष्ट कर चुकी है कि वह मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग को आबादी के लिहाज से आरक्षण देना चाहती है. चूंकि, मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग की आबादी 50 फीसदी से ज्यादा है, इसलिए उन्हें बढ़ा हुआ 27 फीसदी आरक्षण दिया जाना चाहिए. जबकि सरकार के इस मत के खिलाफ याचिकाकर्ता के वकील की अलग ही दलील. दलील के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट का इंदिरा साहनी का न्याय दृष्टांत हो या मराठा रिजर्वेशन पर दिया गया फैसला. दोनों ही फैसलों से स्पष्ट है कि किसी भी लिहाज से मध्य प्रदेश में SC/ST/OBC वर्ग को 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण नहीं दिया जा सकता. जबकि अगर 27 फीसदी आरक्षण मध्य प्रदेश में लागू किया जाता है तो SC/ST/OBC वर्ग को आरक्षण का प्रतिशत 63 फीसदी हो जाएगा.

हाई कोर्ट ने लगा दी थी रोक

हाल ही में हुई सुनवाई के दौरान प्रदेश में ओबीसी  वर्ग को बढ़ा हुआ यानि 27 फीसदी आरक्षण देने पर हाई कोर्ट ने रोक बरकरार रखी है. जबलपुर हाईकोर्ट ने साफ किया है कि फिलहाल ओबीसी वर्ग को पहले की तरह 14 फीसदी आरक्षण ही दिया जा सकेगा. इस केस की अगली सुनवाई अब 10 अगस्त को होगी. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि प्रदेश में कोराना की तीसरी लहर को देखते हुए डॉक्टर्स की नियुक्ति करना जरूरी है. इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वो मैरिट लिस्ट तो 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण के हिसाब से बना सकती है लेकिन डॉक्टर्स की नियुक्ति में 14 फीसदी ओबीसी आरक्षण ही दिया जा सकेगा. हाईकोर्ट ने मामले पर याचिकाकर्ताओं सहित राज्य सरकार से लिखित में अपनी बहस के बिंदु पेश करने के आदेश दिए हैं और मामले पर अगली सुनवाई के लिए 10 अगस्त की तारीख तय कर दी है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here