‘कहें तो सेना को सौंप दें कोविड मैनेजमेंट की जिम्मेदारी’, नीतीश सरकार को पटना हाईकोर्ट की फटकार

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पटना हाईकोर्ट ने कोविड मैनेजमेंट में नीतीश सरकार को असफल बताया.

Corona Cases in Bihar: हाईकोर्ट ने बिहार में बेड की कमी, ऑक्सीजन की किल्लत और दवाइयों की कालाबाजारी जैसी खबरों के सामने आने पर नाराजगी व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि हमारी नज़र में कोविड प्रबंधन में आप लोग फेल हो रहे हैं.

पटना. बिहार में बेकाबू हो रहे कोरोना के हालात के बीच पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के कोरोना से निपटने में फ्लॉप बताया. कोविड मैनेजमेंट में असफल रहने पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने कहा कि बार-बार आदेश के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होना शर्म की बात है. कोर्ट ने बेहद तल्‍ख अंदाज में टिप्‍पणी करते हुए कहा जमीन पर जैसे हालात दिख रहे हैं इस स्थिति में तो राज्‍य में कोविड प्रबंधन की जिम्‍मेदारी सेना को सौंप देनी चाहिए. अब इस मामले में सुनवाई छह मई को होगी. बता दें कि कोविड मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्‍य सरकार को दो दिन के अंदर कोरोना पर एक विस्‍तृत रिपोर्ट देने को कहा है. दरअसल सुनवाई के दौरान राज्‍य सरकार ने पटना हाईकोर्ट को प्रदेश में लॉकडाउन लगाने के निर्णय की जानकारी दी. जस्टिस सीएस सिंह की खंडपीठ को बिहार सरकार ने बताया कि पूरे बिहार में 5 मई से लेकर 15 मई तक लॉकडाउन लागू किया जा रहा है. दरअसल हाईकोर्ट ने बिहार में बेड की कमी, ऑक्सीजन की किल्लत और दवाइयों की कालाबाजारी जैसी खबरों के सामने आने पर नाराजगी व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि हमारी नज़र में कोविड प्रबंधन में आप लोग फेल हो रहे हैं तो क्‍यों नहीं सेना को बिहार की कोविड प्रबंधन की जिम्‍मेदारी सौंप दी जाए. ऑब्जर्वेशन के दौरान ये सवाल उठाया गया था, जिस पर सरकार ने अपना पक्ष रखा कि आप किस आधार पर कोविड मैनेजमेंट की जिम्मेदारी सेना को देने की बात कर रहे हैं? अगर यहां जमीनी हकीकत सही है तो क्या आपके नहीं लगने से आप ये जिम्मेदारी सेना को सौंप सकते हैं? अदालत ने कहा कि अभी इस विषय को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है. पहले आप अपनी सारी डिटेल सौंप दें. उसके बाद इस पर विचार किया जाएगा. एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने बताया कि अभी उन्हें डिटेल फाइल करने के लिए कहा गया है. इसके लिए उनके पास कल तक का समय है. छह मई को इस पर आगे की कार्यवाही होगी.बता दें कि सोमवार को भी पटना हाई कोर्ट ने कहा था कि अपने ऑब्जर्वेशन में कोर्ट ने पाया कि एक तरफ जहां मरीजों को अस्पतालों में बेड्स नहीं मिल रहे वहीं ऑक्सीजन की बेहद कमी है और जरूरी दवाइयों की कालाबाजारी भी जोरों पर है. ऐसे में आखिर बिहार में कब लॉकडाउन लगाया जाएगा? न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह और न्यायमूर्ति मोहित कुमार शाह की खंडपीठ ने बिहार सरकार से पूछा था कि बिहार में लॉकडाउन लगाने की क्या तैयारी है? कब तक राज्‍य में पूर्ण लॉकडाउन लगाया जाएगा?



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