कांग्रेस का केजरीवाल सरकार पर हमला, कहा-दवाई, ऑक्सीजन समेत हर चीज की हो रही कालाबाजारी, सरकार बेखबर! | Congress attacked on Kejriwal government, said

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नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना Corona) संक्रमण मामले और मौतों का आंकड़ा बढ़ने से हालात बहुत खराब हो चुके हैं. ऐसे में दवा, ऑक्सीजन, बेड की भारी किल्लत है. इसके चलते जमकर कालाबाजारी हो रही है. महामारी के दौर में लोग आपदा में अवसर ढूंढ कर घटिया मानसिकता के साथ उपचार की जगह लाशों पर व्यापार भी कर रहे हैं. इस सबके बाद भी दिल्ली सरकार (Delhi Government) पूरी तरीके से आंख बंद करके बैठी हुई है. दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने केजरीवाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है किदवा, ऑक्सीजन, मेडिकल उपकरण सहित कोरोना के इलाज से जुड़ी तमाम जरुरी सामग्रियों की काला बाजारी हो रही है. अस्पतालों में बिस्तर बेचे जा रहे हैं. मनमाने दाम पर टेस्ट हो रहे‌ हैं और एंबुलेंस के मनमुताबिक दाम वसूले जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार के अस्पतालों में बिस्तरों के वृद्धि से जुड़ी ‍पर्याप्त घोषणाएं झूठी साबित हो रही है. मरीजों को अस्पतालों में लाखों की राशि देने के बाद बेड मिल रहे. केजरीवाल सरकार ने बिस्तरों की कमी एक साजिश के तहत की है.उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाबजूद भी दवाओं, ऑक्सीजन की कालाबाजारी चल रही है. अस्पतालों में मरीज के लिए उपलब्ध होने वाली दवाएँ भी अस्पताल प्रशासन के जरिये मरीजों की जगह बाहर दलालों को उपलब्ध करायी जाती है ताकि उसे मुँह मांगी कीमत पर बेचा जा सके. उन्होंने कहा कि कालाबाजारी रोकने के लिए कोई विशेष तंत्र नहीं बनाया गया है, न ही इस धँधे में लिफ्त बड़ी मछलियों की गिरफ्तारी की गई है. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देश पर हेल्पलाइन नंबर जारी हुए है. लेकिन इसका बड़े स्तर पर प्रचार प्रसार नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से लूट की छूट केजरीवाल सरकार ने दे रखी है, उससे ऐसा लगता है जैसे सरकारी तंत्र है ही नहीं या फिर तंत्र भी इस लूट का हिस्सेदार है.
RTPTC टेस्ट के 800 रुपये भी अन्य राज्यों से अधिक  उन्होंने मनमाने दाम वसूली की बात करते हुए कहा कि कोरोना जांच से जुड़े आरटी पीसीआर टेस्ट के 800 रुपये जो कि सरकार के स्तर पर ही अन्य राज्यों से अधिक हैं, उसके भी जल्द नतीजे देने के नाम पर तीन गुने वसूले जा रहे. वहीं, सरकारी जांच केंद्र से इकट्ठे हुए सैंपल के इन्हीं निजी लैब के द्वारा 4-5 दिनों के बाद रिपोर्ट दी जा रही हैं. निजी एंबुलेंस को मजबूरी में दे रहे 20-40 हजार  उन्होंने कहा कि कैटस एंबुलेंस की संख्या मात्र 120 है ऐसे में गंभीर मरीज जल्द से जल्द अस्पताल पहुँचने के लिए निजी एंबुलेंस को 20-40 हजार रुपए मजबूरी में दे रहे‌. सी टी स्कैन, ब्लड टेस्ट जैसे कोरोना इलाज से जुड़ी जांचो के भी मनमाने दाम वसूले जा रहे. अस्थि विसर्जन के लिए भी देना पड़ रहा घूस  उन्होंने कहा कि इलाज व सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ चुके मरीजों को घंटे इंतजार करना होता है, निगम के घाटों पर अंतिम संस्कार समय से करवाने के लिए घूस देना पड़ता है. अब तो अस्थि विसर्जन के लिए भी घूस देना पर रहा. उन्होंने कहा कि सम्मान पूर्ण जिंदगी देने में विफल भाजपा केजरीवाल सरकार अंतिम संस्कार भी सम्मानपूर्वक नहीं नसीब होने दे रहे। दिल्ली की मृत्यु दर देश में सबसे अधिक ही नहीं बल्कि कई गुना ज्यादा उन्होंने कहा कि सरकार के विफलता के कारण नकली दवाएं, ऑक्सीजन सिलिंडर का बाजार बढ़ रहा है, जिसके कारण भी दिल्ली के मृत्यु दर देश में सबसे अधिक ही नहीं बल्कि कई गुना अधिक है. अनिल चौधरी ने मामले को गंभीर बताते हुए केजरीवाल व उप-राज्यपाल से अविलंब पर्याप्त कदम उठाने की मांग की है. उन्होंने कोरोना इलाज से जुड़ी सामग्रियों के दाम व उपलब्धता सुनिश्चित करने की माँग भी की है. उनका कहना है कि आपदा में अवसर ढूँढ कर कुछ लोग घटिया मानसिकता के साथ उपचार की जगह लाशों पर व्यापार कर रहे. मेडिकल उपकरणों की कालाबाजारी रोकने को तंत्र विकसित करे सरकार प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कैप्टन खविंद्र सिंह ने भी आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार को तुरंत एक ऐसा तंत्र विकसित करना चाहिए जो कि दवाइयों, ऑक्सीजन और दूसरे मेडिकल उपकरणों की कालाबाजारी को रोक सके. दिल्ली सरकार का विभाग कालाबाजारी को रोकने के लिए पूरी तरीके से निष्क्रिय है. ड्रग्स एवं कंट्रोल विभाग और अन्य दूसरे विभाग भी पूरी तरीके से इस महामारी में गौण नजर आ रहे हैं.



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