कार से राहगीर को रौंदा, फिर अस्पताल ले जाने के नाम पर किया ये घिनौना काम…

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अस्पताल के बाहर खड़े परिजन.

बिलासपुर में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई. यहां कार से हुई दुर्घटना के बाद चालक ने अस्पताल ले जाने के नाम पर घायल राहगीर को जंगल में फेंककर दिया, जिससे घायल की मौत हो गई.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    January 14, 2021, 5:27 PM IST

बिलासपुर. हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर (Bilaspur) में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है. यहां एक कार ने एक राहगीर को रौंद दिया. कार पर सवार लोगों ने बुरी तरह जख्मी राहगीर को यह कहकर अपनी कार में डाल लिया कि वे उसका इलाज कराएंगे. पर वे मौके से निकलने के बाद जख्मी राहगीर को अस्पताल (Hospital) पहुंचाने के बजाए घटनास्थल से 15 किलोमीटर दूर बन्दला पहाड़ी (Bandla pahadi) पर सड़क किनारे फेंक कर भाग गए. इसके बाद घायल की मौत हो गई. बिलासपुर के एएसपी अमित कुमार (ASP Amit kumar) ने इस घटना की पुष्टि की है. एक आरोपी को पकड़ लिया गया है और दूसरे की तलाश जारी है. पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया है. मृतक के परिजनों ने सरकार से इस घटना में शामिल आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है. हादसे का शिकार हुए युवक की पहचान विनोद कुमार के रूप में हुई है.

नैनो कार ने मारी थी टक्कर

यह मामला बिलासपुर सदर थाना का है. यहां बुधवार रात करीब 7 बजे के एक नैनो कार ने बस स्टैंड के पास एनएच 205 पर एक व्यक्ति को टक्कर मार दी. कार में दो लोग सवार थे. इस दुर्घटना के बाद मौके पर भीड़ जुट गई. जिस कार से दुर्घटना हुई थी, उसपर सवार दोनों लोगों को भीड़ ने पकड़ लिया था. लेकिन उनलोगों ने कहा कि वे इस घायल का इलाज कराएंगे. यह कहकर उन्होंने घायल शख्स को अपनी कार में डाल लिया और मौके से निकल गए. आरोप है कि कार सवार लोगों ने घायल व्यक्ति को अस्पताल न पहुंचाकर बंदला रोड पर जंगल के पास फेंक दिया. बाद इस दुर्घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों ने घायल की तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने काफी मशक्त करने के बाद शव को बंदला रोड पर एक जंगल के पास से बरामद कर लिया. इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया.

घायल की पहचान विनोद कुमार के रूप मेंप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार रात मत्स्य विभाग में आउटसोर्स आधार पर नियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विनोद कुमार तरेड कार्यालय से घर जा रहा था. वह बस स्टैंड के पास एक दुकान में दूध लेने के लिए रुका. वहां पर सड़क पार करते समय एक नैनो कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी. जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. कार में सवार लोगों ने उसे वहां से अस्पताल पहुंचाने की बात कह कर साथ ले लिया. लेकिन कार चालक ने गंभीर रूप से घायल विनोद कुमार को अस्पताल न पहुंचाकर उसे बंदला रोड पर एक जंगल के पास फेंक दिया.

जंगल में फेंककर भागने वाला कार चालक हिरासत में

पुलिस में दर्ज शिकायत में रोहित ने बताया कि जिस नैनो कार में विनोद को अस्पताल में ले गए थे, वह उनसे 50 फीट दूर थी. उन्हें शक के आधार पर गाड़ी का पीछा किया. लेकिन वे नहीं मिले. उन्होंने विनोद को जिला अस्पताल व चांदपुर स्थित एक निजी अस्पताल में तलाश किया. लेकिन वहां पर नहीं मिला. उन्होंने तुरंत इस संबंध में पुलिस को सूचित किया. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कार के बारे में पूरी जानकारी जुटाई और कार चलाने वाले को व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है. दूसरे व्यक्ति की तलाश जारी है. पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के हवाले कर दिया.

घायल के मोबाइल लोकेशन से पुलिस ने किया ट्रेस

बताया गया है कि पुलिस ने रात को मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर युवक को खाई से निकाल कर अस्पताल पहुंचाया था, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. एएसपी अमित शर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि पुलिस ने कार के संबंध में पूरी जानकारी जुटाई और कार चलाने वाले व्यक्ति से कड़ी पूछताछ की तो उसने सारी सच्चाई उगल दी. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के तहत गैरइरादतन हत्या व 279 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है.


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