किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिवार को 2-2 लाख रुपये देगी कांग्रेस

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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा.

Kisan Aandolan: पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश सरकार से भी किसान आंदोलन के दौरान जान की कुर्बानी देने वाले किसान परिवारों को उचित आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी देने की मांग की है.

चंडीगढ़. किसान आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों की आर्थिक मदद के लिए कांग्रेस पार्टी आगे आई है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupinder Singh Hooda) ने बताया कि सभी कांग्रेस विधायकों ने मिलकर यह फैसला लिया है कि विधायक दल के निजी कोष से शहीद किसानों के परिवारों (Farmers Family) को दो-दो लाख रुपये दिए जाएंगे. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में भी इन किसान परिवारों की हर संभव मदद के प्रयास जारी रहेंगे. उन्हें अधिक से अधिक मदद पहुंचाने की कोशिश होगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक आश्रित परिवारों की मदद के लिए प्रयास करेंगे. राज्य सरकार से भी वित्तीय मदद मुहैया कराने और प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है.

बता दें कि राज्य के सभी कांग्रेस विधायकों ने मिलकर यह फैसला लिया है कि कांग्रेस विधायक दल निजी कोष से आंदोलन में शहादत देने वाले किसानों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक मदद देगा. दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से किसान प्रदर्शन कर रहे हैं और इस दौरान कई किसानों की मौत हो गई है.

प्रदेश सरकार से नौकरी देने की मांग
हुड्डा ने प्रदेश सरकार से भी किसान आंदोलन के दौरान जान की कुर्बानी देने वाले किसान परिवारों को उचित आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि ऐसा करना सरकार की जिम्मेदारी बनती है, क्योंकि किसानों की शहादत के लिए सरकार का अड़ियल रवैया और संवेदनहीनता जिम्मेदार है. ऐसे में सरकार को बिना देरी किए प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आगे आना चाहिए.आंदोलन में अधिकतर किसान पंजाब और हरियाणा के

बता दें कि सरकार द्वारा पिछले साल सितंबर में लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं. इनमें कई राज्यों के किसान शामिल हैं, लेकिन अधिकतर किसान पंजाब और हरियाणा के हैं. सरकार इन कानूनों को कृषि क्षेत्र में बड़ा सुधार बता रही है और दावा है कि इससे बिचौलिए खत्म होंगे और किसान देश में कहीं भी अपनी फसल बेच पाएंगे.


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