कुंभ हो सकेगा या नहीं, HC ने उत्तराखंड सरकार से इन तीखे सवालों के मांगे जवाब

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कुंभ पर उत्तराखंड सरकार से हाई कोर्ट ने तीखे सवाल किए हैं. (File)

उत्तराखंड में कोरोना पैर पसार रहा है. इस परिस्थिति में हाई कोर्ट ने सरकार से सवाल किए हैं. सवाल कुंभ और कोरोना पर हैं. कोर्ट ने कहा है कि सरकार पूरे मसले पर जल्द से जल्द रिपोर्ट दाखिल करे.

  • Last Updated:
    February 22, 2021, 3:35 PM IST

नैनीताल. उत्तराखंड में कोरोना और कुंभ को लेकर HC सख्त है. HC ने सरकार से कुंभ और कोरोना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. HC ने पूछा है कि जिन राज्यों में कोरोना तेजी से फैल रहा है उनमें सरकार की क्या व्यवस्था है? कोर्ट ने सरकार को कहा है कि कुम्भ के लिए जारी एसओपी के अनुपालन में विस्तृत रिपोर्ट फाइल करें.

वहीं, सरकार ने HC में बताया है कि कोरोना में जरूरत पड़ने पर सेना के चिकित्सकों की मदद ली जाएगी. कोर्ट ने मेला अधिकारी को भी आदेश दिया है कि जो कार्य बचे हैं उसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें. अधिकारी से पूछा है कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के रुकने व स्नान के बाद कपड़े बदलने की क्या व्यवस्था की गई है? कोर्ट ने 3 मार्च तक रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है. कोर्ट 5 मार्च को मामले की सुनवाई करेगा.

जिला जज हरिद्वार ने दाखिल की अपनी रिपोर्ट

जिला जज हरिद्वार ने अपनी निरिक्षण रिपोर्ट में कहा है कि ऋषिकेश में कुल 13 सरकारी और प्राईवेट अस्पताल हैं. इनमें 230 वेंटिलेटर व 5 आईसीयू हैं. हरिद्वार में 232 अस्पताल हैं, जिसमें सरकारी अस्पतालों में 2 आईसीयू 18 वेंटिलेटर हैं और निजी अस्पतालों में 52 आईसीयू व 83 वेंटिलेटर स्थापित हैं. इसके साथ ही सरकार ने अपने हलफनामे में कहा है कि कोर्ट के आदेश का पूर्ण पालन किया जा रहा है. सभी व्यवस्थाओं को दुरस्त कर तैयारियां पूरी हैं. सरकार ने कहा कि मुख्य पर्व मकर सक्रांति मौनी आमावस्या, बसंत पंचमी का आयोजन सफल रहा है और राज्य कैबिनेट ने 27 से कुम्भ कराने का विचार किया है. ताकि, कम समय में कोरोना जैसी बिमारी को फैलने से रोका जा सके.सरकार ने केंद्र से मांगी डॉक्टरों की टीम

सरकार ने कोर्ट को दिए अपने हलफनामे में कहा है कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक की गई है. इसके बाद केन्द्र सरकार के स्वास्थ्य सचिव से मांग की गई है कि प्रतिनियुक्ति पर कोविड़ 19 के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भेजी जाए जो मैनेजमेंट और कोरोना का आंकलन सही से कर सकें. इसके साथ ही सरकार ने कहा है कि 8071 बैड हरिद्वार में हैं और 1639 कोविड़ के लिए रिजर्व किए गए हैं. 40 अस्थाई अस्पताल बनाए जा रहे हैं और आईसोलेशन सेंटर बनाया जा रहा है, जिसमें 10 हजार लोगों की बैठक क्षमता है.

क्यों पहुंचा हाई कोर्ट में मामला

दरअसल कोरोना संक्रमण के दौरान अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली व सचिदानंद डबराल ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर राज्य के अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल करने की मांग की थी. इसे लेकर कोर्ट ने कई महत्वपूर्ण आदेश जारी किए थे. कुम्भ आने के साथ कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया और सरकार से कुम्भ को लेकर सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के साथ कोरोना से बचाव के लिए रोकथाम के निर्देश जारी किए थे. कोर्ट पूरे मामले की खुद मॉनिटरिंग कर रहा है.








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