कोरोना: बंगाल में राजनीतिक तापमान चढ़ा हुआ, शरीर के तापमान की चिंता किसे?

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पश्चिम बंगाल में आज तीसरे चरण की वोटिंग संपन्न हुई है. (तस्वीर-AP)

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की रैलियों में लोग चाहते हैं कि वो दिखें. नेता भी चाहते हैं कि वो बिना मास्क के दिखाई दें और समर्थक भी नेताओं के साथ सेल्फी लेना चाहते हैं. कैमरे पर अपना कोई वक्तव्य देते हुए भी लोग मास्क नहीं ही लगा रहे हैं. बीते पखवाड़े के दौरान पश्चिम बंगाल में कोरोना मामलों में तेजी आई है. 6 अप्रैल को राज्य में 2 हजार से ज्यादा केस सामने आए हैं. ये 22 मार्च की तुलना में पांच गुना से ज्यादा हैं.

अमन शर्मा
कोलकाता.
कोरोना की, कोरोना नाई, कोरोना चोले गाछे (कोरोना क्या, अब कोई कोरोना नहीं, कोरोना जा चुका है). पश्चिम बंगाल (West Bengal) में बिना मास्क लगाए किसी भी व्यक्ति से आप सवाल करेंगे तो शायद यही जवाब मिले. अब चूंकि राज्य में राजनीतिक तापमान बिल्कुल चढ़ा हुआ है इसलिए शायद ही किसी को शरीर के तापमान की चिंता है.

पश्चिम बंगाल की रैलियों में लोग चाहते हैं कि वो दिखें. नेता भी चाहते हैं कि वो बिना मास्क के दिखाई दें और समर्थक भी नेताओं के साथ सेल्फी लेना चाहते हैं. कैमरे पर अपना कोई वक्तव्य देते हुए भी लोग मास्क नहीं ही लगा रहे हैं. बीते पखवाड़े के दौरान पश्चिम बंगाल में कोरोना मामलों में तेजी आई है. 6 अप्रैल को राज्य में 2 हजार से ज्यादा केस सामने आए हैं. ये 22 मार्च की तुलना में पांच गुना से ज्यादा हैं.

चिंताजनक रूप से बढ़ रही है संख्या2 हजार की संख्या इस साल सबसे बड़ी रही है. बीते तीन दिनों से लगातार राज्य में 1900 से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. 2 मार्च को राज्य में महज 174 मामले ही सामने आए थे. अब राजधानी कोलकाता महामारी का एपिसेंटर बनकर उभरी है. 5 अप्रैल को 606 तो 6 अप्रैल को 582 केस सामने आए हैं.

कोलकाता सर्वाधिक प्रभावित
अब भी कोलकाता में मास्क न पहनने पर जुर्माना लगाने जैसा कोई प्रावधान नहीं हुआ है. कोलकाता के अलावा 24 उत्तर परगना जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है. केवल कुछ जगहों पर आपको कोरोना संबंधी नियमों की ताकीद पोस्टरों पर दिखाई दे सकती है. राज्य की पूरी प्रशासनिक क्षमता चुनावों की व्यवस्था में लगी हुई है. टेस्टिंग की संख्या तकरीबन उतनी ही है जितनी 27 मार्च को यानी वोटिंग के पहले चरण में थी. रोजाना टेस्ट की संख्या 26-29 हजार है.

पूरा फोकस वैक्सीनेशन पर
जब राज्य के एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी से न्यूज़18 ने संपर्क साधा तो उन्होंने बताया कि अब पूरा फोकस वैक्सीनेशन पर है. वैक्सीनेशन की रफ्तार को लेकर वो आश्वस्त दिखे. उनके मुताबिक पश्चिम बंगाल में अब तक करीब 73 लाख डोज दिए जा चुके हैं जिनमें 8 लाख दूसरी डोज भी शामिल है.

कोरोना संबंधी नियमों का पालन नहीं
हालांकि केंद्र की तरफ से कहा जाता रहा है कि वैक्सीनेशन कार्यक्रम के दौरान भी कोरोना संबंधी नियमों के पालन की सख्त आवश्यकता है. जैसे मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का पालन करना. न्यूज़18 ने पाया लोग इसका पालन नहीं कर रहे. जैसे कई उम्रदराज लोग जिन्होंने पहला डोज लिया हुआ है और दूसरा डोज लेना अभी बाकी है, वो भी नियमों का पालन नहीं कर रहे.

अभी राज्य में पांच चरण की वोटिंग बाकी
राज्य में अभी 294 सीटों में से 203 सीटों पर ही वोटिंग हुई है. अब भी पांच चरण की वोटिंग बाकी है. कोरोना के मामले भी बढ़ रहे हैं लेकिन नाइट कर्फ्यू या फिर वीकेंड लॉकडाउन जैसे किसी भी प्रावधान पर कोई चर्चा नहीं है. अधिकारी राज्य में महाराष्ट्र और दिल्ली की तुलना में कम मामले होने की दुहाई दे रहे हैं. एक चुनावी रैली के दौरान एक नेता ने कहा भी है कि वो 2 मई को नतीजे आने के बाद ही कोरोना से लड़ाई करेंगे.









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