कोरोना महामारी और देश में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए उठे हाथ, अभिषेक बिश्नोई बने प्रमुख चेहरा

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नई दिल्ली. दुनिया भर में कोरोना के हाहाकार और देश में बिगड़ते हालात के साथ ही शिक्षा की समस्या से सभी लोग भली भांति वाकिफ हैं. ऐसे में देशभर में कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने लोगों का दर्द समझा और मदद के लिए हाथ बढ़ाए. ऐसा ही कुछ किया अभिषेक बिश्नोई ने. पेशे से इंजीनियर अभिषेक ने लोगों के दर्द को समझा और उनकी मदद के लिए हमेशा खड़े रहे. अपनी टीम आगाज फाउंडेशन के जरिए लोगों की शिक्षा, मेडिकल, भोजन और कई अन्य जरूरतों के लिए वे हमेशा आगे रहे.
हाल ही में, अभिषेक ने अपने फाउंडेशन के जरिए अंबेडकर जयंती पर सरपंच भूराराम मेघवाल की कंपनी के साथ मिलकर छात्रों के बीच 200 स्कूल बैग वितरित किए. इतना ही नहीं, टीम आगाज ने धर्मार्थ और परमार्थ ट्रस्ट की मदद से जम्मेश्वर लाइब्रेरी के निर्माण कार्य में हाथ बंटाया.

कोरोना महामारी के दौरान भी अभिषेक ने अपनी टीम के साथ मिलकर लोगों की मदद की. उन्होंने घोषणा की कि उनके गांव में जल्द ही 10 ऑक्सीजन बनाने वाली मशीन दी जाएंगी. आगाज फाउंडेशन ने बज्जू और गड़ियाला में रक्तदान शिविर आयोजित किया, जिसमें बज्जू से लगभग 700 यूनिट रक्त और गड़ियाला से 180 यूनिट खून जमा हुआ. वहीं, इस महामारी में स्थानीय अधिकारियों को कई दवाएं और उपकरण भी वितरित किए. इस महामारी में अभिषेक ने कई शहरों के अस्पतालों में ऑक्सीजन मशीन और मेडिकल गियर वितरित किए थे, जिसमें से बीकानेर और जोधपुर के अस्पताल शामिल हैं.

दिलचस्प है कि अभिषेक के इस नेक काम में उनका परिवार भी उनके साथ हमेशा खड़ा रहा है. उनके पिता ने गौशालाओं में पानी और चारे की सुविधा के लिए 10 लाख रुपये जमा कर दान किए. वहीं, अभिषेक ने भी जानवरों के आश्रयों के लिए 11 लाख रुपये दान किए. साथ ही जानवरों की तस्करी और चोरी को रोकने के लिए भी 26,100 रुपये दान किए.



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