कोविड प्रोटोकॉल से आज दिल्ली में होगा शहाबुद्दीन का अंतिम संस्कार, पत्नी और बेटा मौजूद

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बिहार के चर्चित बाहुबली और राजद के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन का कोरोना संक्रमण से शनिवार को निधन हो गया था. (फोटोः एएनआई)

RJD MP Shahabuddin Death: शहाबुद्दीन के खिलाफ तीन दर्जन से अधिक आपराधिक मामले चल रहे थे. तिहाड़ जेल जाने से पहले वे बिहार के भागलपुर और सीवान की जेल में भी लंबे समय तक सजा काट चुके थे.

पटना. बिहार से पूर्व सांसद और राजद नेता शहाबुद्दीन (RJD Leader Shahabuddin Death) का अंतिम संस्कार आज यानी रविवार को होगा. उनका अंतिम संस्कार दिल्ली में किया जाएगा. शव के अंतिम संस्कार के लिए दीन दयाल अस्पताल (Deen Dayal Hospital) प्रशासन द्वारा एम्बुलेंस उपलब्ध करवाया जाएगा जिसमें शहाबुद्दीन के पार्थिव शरीर को लेकर उनके परिजनों के बताए कब्रिस्तान पर पहुंचाया जाएगा. उसके बाद उसी कब्रिस्तान में कोविड प्रोटोकॉल के तहत शहाबुद्दीन का अंतिम संस्कार किया जाएगा. बिहार के पूर्व सांसद रहे शहाबुद्दीन का पुत्र ओसामा और उनकी पत्नी हीना शहाब भी इस वक्त दिल्ली में ही मौजूद हैं. आज जब शहाबुद्दीन का पार्थिव शरीर दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल से एम्बुलेंस में निकाला जाएगा उससे पहले तिहाड़ जेल प्रशासन द्वारा दस्तावेज प्रक्रिया की जाएगी. राजद के पूर्व सांसद और बाहुबली शहाबुद्दीन का शनिवार को कोरोना संक्रमण की वजह से निधन हो गया था. उन्हें पिछले महीने 20 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इससे पहले सुबह से पूर्व सांसद के निधन की खबर सोशल मीडिया में वायरल हो रही थी. लेकिन इन खबरों का तिहाड़ जेल प्रशासन लगातार खंडन कर रहा था. जेल प्रशासन ने कहा था कि पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की हालत गंभीर है और उनका दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है. जेल प्रशासन ने जेल प्रशासन की ओर से इन खबरों को अफवाह बताया गया. अब जाकर तिहाड़ जेल के डीजी की ओर से आधिकारिक सूचना जारी कर शहाबुद्दीन के निधन की जानकारी दी गई. तिहाड़ जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे शहाबुद्दीन को पिछले महीने अस्पताल में भर्ती किया गया था. कोरोना संक्रमण की वजह से हालत बिगड़ने के बाद उन्हें आईसीयू में एडमिट किया गया. उसके बाद से ही उनकी हालत गंभीर होने की खबरें सामने आ रही थीं. शहाबुद्दीन के खिलाफ तीन दर्जन से अधिक आपराधिक मामले चल रहे थे. तिहाड़ जेल जाने से पहले वे बिहार के भागलपुर और सीवान की जेल में भी लंबे समय तक सजा काट चुके हैं. साल 2018 में जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आए, लेकिन जमानत रद्द होने के कारण उन्हें वापस जेल जाना पड़ा. 15 फरवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राजद सांसद को सीवान से तिहाड़ जेल लाने का आदेश दिया था.



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