क्‍या पत्‍नी के साथ गुप्‍त तरीके से रिकॉर्ड बातचीत तलाक में बतौर सबूत हो सकती है पेश? SC करेगा विचार

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नई दिल्‍ली. क्या पत्नी (Wife) के साथ गुप्त तरीके से रिकॉर्ड की गई बातचीत को पति (Husband) तलाक (Divorce) के लिए सबूत के तौर पर पेश कर सकता है? इस अहम तथ्‍य पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) विचार करेगा. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab and Haryana High Court) के उस आदेश को चुनौती देने वाली अर्जी पर नोटिस जारी किया है, जिसमें कहा गया था कि पत्नी की जानकारी के बिना टेलीफोन पर बातचीत की रिकॉर्डिंग उसकी निजता का उल्लंघन है.

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने माना था कि फैमिली कोर्ट (Family Court) के समक्ष सबूत के रूप में एक गुप्त रूप से रिकॉर्ड की गई फोन बातचीत स्वीकार्य नहीं होगी. याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई थी कि निजता का अधिकार (Right to Privacy) पूर्ण नहीं है और इसे अन्य अधिकारों और मूल्यों के संदर्भ में संतुलित किया जाना चाहिए.

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पति-पत्‍नी (Married Couple) के एक अन्‍य मामले में सुनवाई करते हुए कहा था कि अगर पति पत्‍नी एक साथ नहीं रह सकते हैं तो उन्‍हें एक-दूसरे को छोड़ना ही बेहतर होगा. दरअसल यह मामला एक दंपती का था, जो 1995 में शादी के बाद से महज 5 दिन साथ रहा था.

पत्‍नी ने हाईकोर्ट की ओर से जारी तलाक के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी. मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एएस बोपन्‍ना की पीठ ने महिला से कहा था कि उसे व्‍यावहारिक होना चाहिए. वे पूरी जिंदगी अदालत में एक-दूसरे से लड़ते हुए नहीं बिता सकते हैं. दोनों की उम्र 50 और 55 साल है. सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने दंपती से गुजारा भत्‍ता को लेकर पारस्‍परिक रूप से फैसला लेने को कहा है.

Tags: Divorce, Supreme Court



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