खट्टर सरकार ने गेहूं खरीद के नियम बदले, अब बिना मैसेज मंडी में जाने वाले किसानों की भी फसल खरीदी जाएगी-Haryana government changed the rules for wheat procurement hrrm

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हरियाणा सरकार ने गेहूं खरीद के नियम बदले

Haryana News: हरियाणा सरकार (State Government) ने स्पष्ट किया है कि इस बार मंडियों में 10 अप्रैल के आसपास गेहूं (Wheat) की आवक होगी.

चंडीगढ़. हरियाणा की खट्टर सरकार ने प्रदेश में गेहूं खरीद के नियम बदल दिए हैं. अब बगैर एसएमएस (SMS) के भी मंडी में गेहूं लेकर आने वाले किसानों (Farmers) की फसल खरीदी जाएगी. सरकार ने गेहूं खरीद को लेकर किसानों के लिए पहले से लागू कई शर्तों को वापस ले लिया है. इस बार करीब 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद होने की संभावना है. प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए साफ कर दिया है कि बिना समय लिए मंडी चले जाने वाले किसानों का भी सरकार पूरी तरह से ध्यान रखने का काम करेगी.

राज्य की सरकार ने हरियाणा में गेहूं खरीद को लेकर नियमों में बदलाव किया है. बिना ख़रीद की तारीख और मैसेज के मंडी जाने वाले किसानों का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा. कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि मेरी फसल मेरा ब्योरा में दर्ज किसान की फसल बिना मैसेज की तारीख के भी हो सकेगी. उसी दिन फसल की खरीद कर ली जाएगी इस तरह के आदेश भी अधिकारियों को दिए गए हैं.

किसानों को गुमराह कर रही कांग्रेस
अधिकारी मंडी में बिना मैसेज के भी किसानों को गेट पास मुहैया करा सकेंगे, ताकि उनको किसी भी तरह की तकलीफ नहीं उठानी पड़े. मंत्री ने किसानों से अपील की है कि उनका मेरी फसल मेरा ब्यौरा में रजस्ट्रिेशन जरूरी होना चाहिए. उन्होंने कहा कि मंगलवार को भी यह पोर्टल किसानों के लिए खुला हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस किसान को गुमराह करने का काम करती है, जबकि हमारी सरकार जब से आयी है, वो किसानों को सुविधाएं देने को लेकर संकल्प के साथ में काम कर रही है.किसानों का एकएक दाना दाना खरीदा जाएगा

मंत्री ने कहा कि इन सभी कल्याण के कदमों को लेकर कांग्रेसी नेता परेशान हो रहे हैं. इन कांग्रेसी नेताओं का काम सच से नहीं चल रहा, तो झूठ फैलाने लगे हैं. गेहूं की खरीद का कोई अंतिम लक्ष्य नहीं रखा गया है. प्रदेश के सभी किसानों का एक-एक दाना दाना खरीदा जाएगा. इतना ही नहीं खरीद के बाद 72 घंटे में किसानों को खरीद का पैसला उनके खाते में देंगे. किसान इससे पहले भी देख चुके हैं कि राज्य की मनोहरलाल सरकार उनके लिए किस तरह से गंभीरता से काम कर रही है.



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