खरीदार अब खुद बनाएंगे अपने ही फ्लैट, यूपी रेरा ने बिल्डर से छीना प्रोजेक्ट

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नोएडा. आप शायद पहली सुन रहे होंगे कि जिस प्रोजेक्ट में खरीदारों ने अपने लिए फ्लैट बुक (Flat Booking) कराए थे, उन्हें अब बनाने का काम भी खरीदार ही करेंगे. यूटोपिया एस्टेट रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट में ऐसा ही हुआ. बिल्डर की तरफ से लेटलतीफी के चलते यूपी भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने अब यह प्रोजेक्ट बिल्डर (Builder) के हाथों से ले लिया है. प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदारों की संस्था को अब अधूरे पड़े फ्लैट को पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है. फ्लैट खरीदारों (Flat Buyers) ने खुद से ही मांग की थी कि प्रोजेक्ट को पूरा करने का उन्हें अधिकार दिया जाए.

सिर्फ 40 फीसद ही पूरा हो पाया है प्रोजेक्ट

यूपी रेरा की ओर से जारी की गई एक प्रेस रिलीज के अनुसार मेसर्स अधिराज लैंड एंड प्रोमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड ने गाजियाबाद में यूटोपिया एस्टेट रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट शुरू किया था. यह प्रोजेक्ट अप्रैल 2016 में शुरू किया गया था. कोरोना-लॉकडाउन के हालात को देखते हुए मिली छूट के मुताबिक भी प्रोजेक्ट 28 मार्च 2022 को पूरा होना था. लेकिन प्रोजेक्ट में सिर्फ 40 फीसद ही काम हो पाया. जिसके बाद बाकी का काम पूरा कराने की जिम्मेदारी प्रोजेक्ट के फ्लैट खरीदारों को ही मिल गई है.

लागत आएगी 35 करोड़ और इनकम होगी 77 करोड़ की

यूपी रेरा के मुताबिक यूटोपिया एस्टेट रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट के एक टावर की 184 रेजिडेंशियल यूनिट में से 48 यूनिट बिक चुकी हैं. इस तरह से अभी 136 यूनिट बिक्री के लिए बाकी हैं. एक अनुमान के मुताबिक प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद कुल 77.48 करोड़ रुपये जमा हो जाएंगे. जिसमें मौजूदा आवंटियों से 8.14 करोड़ रुपए आने हैं. वहीं बाकी बची यूनिट की बिक्री से 65 करोड़ रुपए और बिक्री लायक पार्किंग स्पेस से 4.14 करोड़ रुपये आज जाएंगे. जबकि प्रोजेक्ट को पूरा करने और दूसरे सभी तरह के खर्च की अनुमानित लागत करीब 35.47 करोड़ रुपए आ रही है.

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गाजियाबाद का यह प्रोजेक्ट भी यूपी रेरा करा रही है पूरा

यूपी रेरा के चेयरमैन राजीव कुमार का कहना है कि साल 2013 में प्रमोटर मेसर्स सारे सामग रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड ने स्प्रिंग व्यू हाइट्स आवासीय प्रोजेक्ट शुरू किया किया था. अप्रैल 2022 तक यह पूरा होना था. लेकिन 70 फीसद काम करने के बाद इसे अधूरा छोड़ दिया गया. अब दो महीने यानि 29 अप्रैल तक 30 फीसद काम पूरा होना नाममुकिन है.

इस लिए प्रोजेक्ट के 6 टावर में 660 फ्लैट पूरा करने की जिम्मेदारी मैसर्स अर्बनब्रिक डेवलपमेंट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है. प्रमोटर और आवंटियों के संगठन, दोनों ने यूपी रेरा से इस मामले में दखल देने के साथ ही प्रोजेक्ट के अधूरे काम को पूरा कराने की मांग की थी, जिससे कि आवंटियों को जल्द से जल्द उनके फ्लैट पर कब्जा मिल जाए.

Tags: Ghaziabad News, Own flat, UP RERA



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