गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन का क्या होगा? कमिश्रनर ने दिया जवाब

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नाइट कर्फ्यू के दौरान पुलिस बरतेगी सख्ती.

Meerut News: कोरोना केस बढ़ने के बाद अब गाजियाबाद (Ghaziabad) में नाइट कर्फ्यू (Night Curfew) लगा दिया गया है. अब सवाल ये है कि गाजीपुर बार्डर (Ghazipur border) पर चल रहे किसान आंदोलन पर इसका क्या असर होगा?

मेरठ. मेरठ (Meerut) मंडल के तीन जिलों में नाइट कर्फ्यू (Night Curfew) गुरुवार रात दस बजे से सुबह पांच बजे तक लागू हो रहा है. ये तीन जिले हैं गौतमबुद्धनगर गाज़ियाबाद और मेरठ. गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में जहां 17 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू लगाया गया है तो वहीं मेरठ में 18 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू लगाया गया है. मेरठ मंडल के कमिश्रनर ने बताया कि नाइट कर्फ्यू को लेकर विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. गाजियाबाद में नाइट कर्फ्यू के बाद गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन का क्या होगा?  इस सवाल के जवाब में कमिश्रनर ने कहा कि नाइट कर्फ्यू का मतलब मूवमेंट रोका गया है.

कमिश्रनर ने कहा कि गाजियाबाद के गाजीपुर बॉर्डर पर भी रात दस बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा. कमिश्नर ने कहा कि जो जहां है वहीं रहेगा, कोई मूवमेंट नहीं होगा. जो लोग रात को मूवमेंट करते हैं वो चाहे कोई भी हो, सभी वर्गों के लिए ये लागू होगा. सिर्फ अति आवश्यक सेवाओं वाले लोगों को ही छूट रहेगी.  उन्होंने कहा कि नाइट कर्फ्यू लगाने में जीरो टॉलरेंस व्यवस्था रहेगी.

नाइट कर्फ्यू को लेकर जरूरी निर्देश जारी

कमिश्रनर ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में स्थित होने के कारण मेरठ मंडल के तीन ज़िलों में कोरोना का संक्रमण ज्यादा है. इन तीन जनपदों में सौ के करीब या सौ से ज्यादा मामले आ रहे हैं. गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद और मेरठ सीधे एनसीआर से जुड़े हैं. यहां भारी संख्या में लोग ट्रेन बस आदि से यात्रा करते हैं. इसलिए एहतियात के तौर पर सारे कदम उठाए जा रहे हैं और रात्रि कालीन कर्फ्यू लगाया गया है. भविष्य में जैसे परिणाम आएंगे उसी के आधार पर निर्णय लिया जाएगा. लोगों को दिक्कतें ना हो इसके लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. पंचायत चुनाव में जिनकी ड्यूटी लगी है स्वास्थ्य कर्मी,  प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, जो लोग भी अतिआवश्यक सेवाओं से जुड़े हैं उन्हें नाईट कर्फ्यू में छूट दी गई है. कमिश्रनर ने कहा कि अतिआवश्यक कार्यों को छोड़कर सभी गतिविधिया बंद रहेंगी. ये भी पढ़ें: Farmers Protest: फिर दिल्ली कूच की तैयारी में किसान, 13 अप्रैल से जंतर मंतर में अनशन की मांगी इजाजत

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे अपने-अपने जिले में अपने स्तर पर वहां की स्थिति को देखकर रात्रि कर्फ्यू के संबंध में निर्णय ले सकते हैं. उन जिलों में स्थानीय प्रशासन को रात्रि कर्फ्यू लगाने के लिए अधिकृत किया जा रहा है जहां 500 से ज्यादा केस हैं और रोजाना 100 नए मामले आ रहे हैं.



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