गुड न्यूज: गाजियाबाद से कानपुर की दूरी 3 घंटे में होगी तय! इन जिलों से गुजरेगी सड़क, जानें पूरा प्लान

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नई दिल्ली: दिल्ली से सटे गाजियाबाद से कानपुर तक का सफर बहुत ही जल्द अब और भी सुहाना होने वाला है, क्योंकि इतनी लंबी दूरी के रास्ते को कम समय में ही तय करने की योजना पर काम शुरू हो गया है. केंद्र ने गाजियाबाद और कानपुर के दो औद्योगिक केंद्रों को जोड़ने वाली एक नई सड़क को मंजूरी दे दी है. पश्चिम यूपी के नौ जिलों से होते हुए 380 किमी ग्रीनफील्ड आर्थिक गलियारे (ग्रीनफील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर) से दोनों शहरों के बीच यात्रा के समय को केवल तीन घंटे तक कम करने की उम्मीद है. यहां बताना जरूरी है कि सड़क मार्ग से गाजियाबाद और कानपुर के बीच यमुना एक्सप्रेसवे से सफर में अभी छह घंटे लगते हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, एनएचएआई के एक अधिकारी ने कहा कि सितंबर 2019 में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गाजियाबाद को कानपुर से जोड़ने वाले एक आर्थिक गलियारे की घोषणा की थी. इसका उद्देश्य दो औद्योगिक शहरों के बीच यात्रा के समय में कटौती करना था. पिछले हफ्ते गुरुवार को मंत्रालय ने गाजियाबाद से कानपुर तक के गलियारे के लिए अपनी मंजूरी दे दी.

अधिकारी की मानें तो इस परिजोयना को 2025 तक पूरा करने का टारगेट है. यह 380 किलोमीटर लंबा फोर लेन वाला हाईवे होगा. हालांकि, इसे आठ लेन वाला हाईवे बनाने की भी योजना है, जिस पर अभी विचार हो रहा है. बताया जा रहा है कि यह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के नौ जिलों- गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव और कानपुर से होकर गुजरेगा.

एक अधिकारी ने कहा कि अभी कानपुर और गाजियाबाद को जोड़ने वाले यमुना एक्सप्रेसवे पर यात्रियों को सफर में लगभग छह घंटे लगते हैं, जबकि एनएच-9 पर यात्रा करने वालों को कम से कम आठ घंटे लगते हैं. इस तरह से नया कॉरिडोर यात्रियों के लिए बेहद फायदेमंद होगा और यह यात्रा के समय को घटाकर केवल तीन घंटे कर देगा.

इस सड़क के निर्माण हेतू जमीन की पहचान के लिए सर्वे किया जा रहा है. एनएचएआई के सूत्रों ने कहा कि डीपीआर पर काम भी शुरू हो गया है और यह लगभग एक साल में तैयार होने की संभावना है. इसके बाद भूमि अधिग्रहण का काम शुरू होगा और 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है. इसके बाद वहां से परियोजना को तैयार होने में दो साल लगेंगे. यानी 2025 तक यह हाईवे बनकर तैयार हो जाएगा. योजना के अनुसार, चार लेन के गलियारे को शुरू में पुलिया और अंडरपास पर छह तक बढ़ाया जाएगा. भविष्य में इसे आठ लेन तक चौड़ा करने के लिए जमीन अलग रखी जाएगी. यात्रा के समय और लागत में कटौती कर कॉरिडोर उद्योगों के लिए वरदान साबित होगा.

Tags: Delhi news, Uttar pradesh news



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