चित्रकूट: बेटी दर्द से तड़पती रही, पिता बेड के इंतजार में ड्रिप लगी बोतल पकड़े खड़ा रहा

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चित्रकूट. चित्रकूट जनपद के संयुक्त जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही रुकने का नाम नहीं ले रही है. भरतकूप के तराव गांव से भैरव प्रसाद अपनी बेटी को पेट में दर्द होने पर इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचा तो उसे यहां अव्यवस्थाओं से सामना करना पड़ा. यहां डॉक्टरों ने उसको एक ग्लूकोस की बोतल चढ़ा दी और उसे भर्ती करने के लिए पीछे वार्ड में भेज दिया. इस पर वार्ड बॉय उसके पिता को हाथ में ग्लूकोस की बोतल पकड़ा कर वार्ड की तरफ ले गया और बीच रास्ते में ही छोड़कर लापता हो गया. जिसके बाद पीड़ित पिता हाथ में ग्लूकोस की बोतल लिए आधे घंटे खड़ा रहा और उसकी बेटी पेट दर्द से तड़पती रही. अस्पताल में कई बेड खाली थे, लेकिन उसे एक बेड भी नहीं दिया गया.

यह यहां का पहला मामला नहीं है. हर रोज मरीजों को इस अस्पताल में बदइंतजामी का शिकार होना पड़ता है. जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही इस कदर हावी है कि वहां कोई भी मरीज इलाज के लिए जाता है तो उन्हें लावारिस छोड़ दिया जाता है. ऐसा ही एक मामला और देखने को मिला. एक्सीडेंट में घायल को इलाज के लिए वार्ड बॉय द्वारा पीछे के वार्ड में भर्ती करने के लिए भेजा गया था और उस मरीज को भी वार्ड ब्वाय रास्ते में छोड़कर कहीं नदारद हो गया था. जैसे ही न्यूज 18 की टीम इस लापारवाही की तस्वीर रिकॉर्ड करने लगी तो वार्ड बॉय तुरंत मौके पर आकर मरीज को वार्ड में भर्ती कराने लगा.

कुछ दिन पहले ही जब बीती 30 अप्रैल को चित्रकूट धाम मंडल के प्रभारी मंत्री चित्रकूट के दौरे पर आए थे तब भी जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों ने एक मृत महिला को चादर ओढ़ाकर प्रभारी मंत्री के हाथों उसके परिजनों को फल बंटवा दिये थे. इस पर डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने मामले का संज्ञान लेकर प्रभारी CMS से स्पष्टीकरण मांगा था.

इसके साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी की भी 1 घंटे की ड्यूटी जिला अस्पताल में निगरानी रखने के लिए प्रभारी मंत्री ने लगाई थी. इसके बावजूद इसके जिला अस्पताल में अभी तक स्वास्थ्य कर्मियों के लापरवाही रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. इस मामले में प्रभारी सीएमएस ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया है.

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