छत्तीसगढ़ी में अष्टावक्र की कथा -महाज्ञानी बेटा, पिता के उद्धार करिस

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‘आप रात भर ज्ञान के विशेष दक्षता बर वेदपाठ करथो तभो ले शुद्ध उच्चारण नइ हो पावत हो. वेद-पाठ म अशुद्धि हे. मंत्र के शुद्ध उच्चारण बर अउ अभ्यास करव. पत्नी के गरभ से शिशु के गोठ ल सुन ऋषि कहोड़ बहुत चकित होइस.



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