छात्रों को डाक से भेजें डिग्रियां: यूपी राज्यपाल

0
10


राज्यपाल ने दो कुलपतियों को राज्य के मानदंड और संकाय सदस्यों को काम पर रखने के लिए विज्ञापन में विस्तृत निर्देश देने का भी निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इससे नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी.

IANS | Edited By : Ritika Shree | Updated on: 16 Jun 2021, 03:21:19 PM
<!—
—>

Anandiben Patel (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • छात्रों को उनकी डिग्री के लिए विश्वविद्यालय ना बुलाया जाए – राज्यपाल 
  • विश्वविद्यालयों को डाक द्वारा छात्रों के घरों में डिग्री भेजनी चाहिए
  • कॉलेजों के साथ विश्वविद्यालयों को भी दीक्षांत समारोह के तुरंत बाद समय पर डिग्री छात्रों को सौंपनी चाहिए

उत्तर प्रदेश:

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, जो राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति भी हैं, उन्होंने कुलपतियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि छात्रों को उनकी डिग्री के लिए विश्वविद्यालय ना बुलाया जाए. राज्यपाल ने दो राज्य विश्वविद्यालयों, लखनऊ विश्वविद्यालय और भातखंडे संगीत संस्थान डीम्ड विश्वविद्यालय की ऑनलाइन समीक्षा बैठक में कहा कि विश्वविद्यालयों को डाक द्वारा छात्रों के घरों में डिग्री भेजनी चाहिए. राज्यपाल ने कहा कि कॉलेजों के साथ साथ विश्वविद्यालयों को भी दीक्षांत समारोह के तुरंत बाद समय पर डिग्री छात्रों को सौंपनी चाहिए. उन्होंने पहले डाक से डिग्री भेजने के लिए छात्रों के नाम, फोन नंबर और पते का एक डेटाबेस तैयार करने का सुझाव दिया.

यह भी पढ़ेः 12वीं बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन: सीबीएसई का क्राइटेरिया अपनाएंगे अधिकांश राज्य बोर्ड

राज्यपाल ने दो कुलपतियों को राज्य के मानदंड और संकाय सदस्यों को काम पर रखने के लिए विज्ञापन में विस्तृत निर्देश देने का भी निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इससे नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी. राज्यपाल ने यह भी सुझाव दिया कि विश्वविद्यालयों को नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों को जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराने के लिए वेबिनार और प्रशिक्षण सत्र आयोजित करना चाहिए.

यह भी पढ़ेः UP में क्लास 1 से 8 तक के स्कूल खोलने की सरकार ने दी अनुमति, जानें तारीख

राज्यपाल ने कहा कि अधिकांश महिला ग्राम प्रधान स्वयं सहायता समूहों से संबंधित हैं. विश्वविद्यालयों को उन्हें समाज में दहेज, पुरुष और महिला बच्चों के भेदभाव जैसी कुरीतियों से अवगत कराना चाहिए, ताकि वे अपने गांवों में महिलाओं को ऐसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित कर सकें. नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों में लगभग 33 प्रतिशत महिलाएं हैं. राज्यपाल ने आगे विश्वविद्यालयों से लड़कियों के लिए नारी निकेतन अस्पतालों का दौरा करने की व्यवस्था करने को कहा ताकि उन्हें सीखने का अनुभव मिल सके. उन्होंने आगे विश्वविद्यालयों को उन बच्चों को गोद लेने का निर्देश दिया जो अपने माता पिता को कोविड में खोने के बाद अनाथ हो गए हैं.



संबंधित लेख

First Published : 16 Jun 2021, 03:21:19 PM


For all the Latest Education News, University and College News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here