जमीन पर लेट हंगामा करने वाले यूपी के BJP विधायक अब SP से भिड़े, तीखी बहस का Video Viral

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विधायक धीरज ओझा और एसपी की बहस का वायरल वीडियो.

प्रतापगढ़ (Pratapgarh) में बीजेपी (BJP) विधायक धीरज ओझा (MLA Dheeraj Ojha) और एसपी आकाश तोमर के बीच हुई तीखी बहस का एक वीडियो वायरल हुआ है. 

प्रतापढ़. उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ (Pratapgarh) में बीजेपी (BJP) विधायक धीरज ओझा (MLA Dheeraj Ojha) बुधवार को डीएम आवास के सामने जमीन पर लेटकर खूब हंगामा किया. अब न्यूज 18 को एसपी और विधायक के बीच कहासुनी का एक लाइव वीडियो मिला है. इस वायरल वीडियो में विधायक और एसपी के बीच तीखी बहस हो रही है. इतना ही नहीं विधायक एसपी का पीछा करते हुए उनसे बहस कर रहे हैं. यहां तक की वीडियो में विधायक एसपी से गोली मारने की बात भी वीडियो में कह रहे हैं.

मालूम हो कि डीएम आवास पर धरने के दौरान विधायक ने एसपी पर गोली मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था. एसपी पर आरोप लगा कर जमीन पर लेट विधायक ने हंगामा किया था. विधायक का आरोप था कि पंचायत चुनाव  लड़ने का इच्छुक एक शख्स को पांच महीने से मतदाता सूची में नाम नहीं जोड़ा जा रहा है. इसके अलावा कई और शिकायतें हैं, जिन पर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, इसलिए वह धरने पर बैठे हैं.

काफी देर तक किया हंगामा

विधायक काफी देर तक डीएम आवास पर हंगामा करते रहे. डीएम ने किसी तरह से विधायक को उठाकर अपने ऑफिस के कमरे में गए. इस दौरान सैकड़ों की संख्या में जमा समर्थकों ने जमकर एसपी और डीएम के खिलाफ नारेबाजी कराने लगे. इस दौरान डीएम आवास पर अफरा -तफरी का माहौल भी हो गया. विधायक धीरज ओझापने समर्थकों का नाम वोटर लिस्ट में ऐड नहीं होने से खफा थे. इस दौरान विधायक ने प्रशासन के ऊपर कई गंभीर आरोप भी लगाए. वहीं एसपी ने विधायक के गोली मारने की धमकी को ख़ारिज कर दिया है. एसपी आकाश तोमर का कहना है विधायक द्वारा कर्मचारियों से दुर्व्यवहार किया गया. जब मना किया तो झूठा आरोप लगा दिया गया. सम्पूर्ण प्रकरण से पुलिस का कोई भी सम्बन्ध नहीं है.

Youtube Video

विधायक बोले- इसलिए बैठा हूं धरने पर…

विधायक धीरज ओझा ने बताया था कि मैं डीएम आवास पर इसलिए धरने पर बैठा हूं, क्योंकि एक आमिर और उसकी पत्नी चुनाव लड़ना चाहते थे. शिवगढ़ में दबंग आदमी के खिलाफ. लेकिन प्रशासन ने वोटर लिस्ट से उनका नाम हटा दिया. वहां के बीएलओ भी लिख कर दे रहे हैं लेकिन ये मामले को लटका रहे हैं. राहुल यादव एसडीएम और सतीश त्रिपाठी अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने कोई जांच नहीं की और आज तक मतदाता सूची में नाम उसका दर्ज नहीं हुआ. उसका कहीं नाम नहीं है. पांच महीने से उसको प्रशासन दौड़ा रहा है. उसके परिवार को धमकियां भी मिलीं लेकिन वह कहा कि मैं चुनाव लडूंगा.



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