ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे: अब शुरू हुई वजूखाने से मिले ‘शिवलिंग’ के चारों ओर की दीवार तोड़ने की मांग, हिंदू पक्ष जाएगा कोर्ट

0
65


वाराणसी. ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वजूखाने में मिले कथित शिवलिंग के चारों तरफ बनी दीवारों को तोड़ने की मांग को लेकर कोर्ट जाने की बात अब हिंदू पक्ष की तरफ से की जा रही है. हिन्दू पक्ष के जितेंद्र सिंह बिसेन ने न्यूज़18 से बातचीत में कहा कि वे शिवलिंग के चारों तरफ बनी दीवार को तोड़ने के लिए कोर्ट के समक्ष प्रार्थना पत्र देंगे. उन्होंने कहा कि दीवार टूटने से यह पता चल सकेगा कि वजूखाने से जो शिवलिंग मिला है वह कितना बड़ा है. गौरतलब है कि परिसर में स्थित नंदी की प्रतिमा से 40 फ़ीट दूर वजूखाने से शिवलिंग मिलने की बात सामने आ रही है. जिसके बाद वकील विष्णु जैन की अर्जी पर कोर्ट ने वजूखाने को सील करने के साथ ही सुरक्षित और संरक्षित करने का निर्देश दिया है.

हालांकि शिवलिंग मिलने के दावों पर मुस्लिम पक्ष ने कहा कि वजूखाने में जो कुछ मिला है वह फव्वारा है. मुस्लिम पक्ष के वकीलों ने इसकी फोटो भी वायरल कर दी है. इसके अलावा मुस्लिम पक्ष के वकील तौहीद की तरफ से वायरल फोटो की ज्ञानवापी मस्जिद की देखरेख करने वाली अंजुमन इंतजामिया कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने पुष्टि की है. मुस्लिम पक्ष का कहना है कि मुगल काल की मस्जिदों में वजूखाने के अंदर फव्वारा लगाए जाने की परंपरा रही है. उसी का एक पत्थर आज सर्वे में मिला है, जिसे शिवलिंग बताया जा रहा है.

हिंदू पक्ष ने खारिज किया मस्जिद प्रबंधन का दावा
गौरतलब है कि हिंदू पक्ष  की तरफ से दावा किया जा रहा है कि जो शिव लिंग मिला है वह 12 फ़ीट 8 इंच व्यास का है. उधर अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानंद ने ज्ञानवापी मस्जिद में कराए गए सर्वे पर कहा कि सैकड़ों वर्षों से आपात स्थिति में ढके हुए शिव आज पुनः प्रकट हुए हैं. आज जो शिवलिंग मिला है वही स्वयंभू शिव हैं. इस सच्चाई के पुख्ता होने के बाद आज समस्त सनातनी हर्षित हैं. उन्होंने दावा किया कि जो शिवलिंग मिला है वह पन्ना का है इसलिए हरा दिख रहा है. उन्होंने  मुस्लिम पक्ष के फव्वारे वाले दावे पर कहा कि 50 वर्षों वे फव्वारा नहीं बनवा पाए? अब उनके चेहरे से पानी उतर चुका है.

Tags: Gyanvapi Masjid Survey, Gyanvapi Mosque, UP latest news, Varanasi news



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here