ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे में शिवलिंग मिलने का दावा, अयोध्या के संतों ने मुस्लिम पक्ष से की ये बड़ी अपील

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अयोध्या. ज्ञानवापी मस्जिद के मामले पर चल रहे सर्वे और वीडियोग्राफी का कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है. ऐसे में जो साक्ष्य मिले हैं वह सनातन धर्म को मानने वाले हैं. लोगों ने दावा किया है कि ज्ञानवापी के अंदर स्थित तालाब से बाबा का शिवलिंग मिला है. साथ ही तहखाने में तमाम शिलापट साक्ष्य मिले हैं, जो इस तरफ इशारा करते हैं कि वहां पर कभी मंदिर रहा होगा. सर्वे और वीडियोग्राफी के कार्य का मुस्लिम समाज के लोगों ने विरोध भी किया था, बावजूद इसके कोर्ट के आदेश के अनुरूप सर्वे का कार्य लगभग 80 फीसद पूरा हो चुका है.

मिले साक्ष्यों को लेकर के अयोध्या के संतों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. रामलला के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि जिस जगह पर साक्ष्य जुटाए गए हैं वह सारे साक्ष्य मंदिर से संबंधित हैं. ऐसे में मुस्लिम समाज के लोगों को स्वतः ही हट जाना चाहिए. मिले हुए साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट को भी तत्काल हिंदू धर्म के पक्ष में फैसला देना चाहिए. जगतगुरु राम दिनेश आचार्य ने भी मुस्लिम समाज से अपील की है कि पढ़े-लिखे मुस्लिम समाज के लोग इस बात को मानें कि मुगल आक्रांताओं ने हिंदू धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचा कर वहां पर मस्जिद बनाई गई, क्योंकि यह शाश्वत सत्य है. तमाम प्रमाण भी मिल रहे हैं. ऐसे में मुस्लिम समाज के लोगों को यह मान लेना चाहिए कि धार्मिक स्थल हिंदुओं का है.

रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि जिस रूप से मस्जिद बनाई गई है, वह मंदिर तोड़कर बनाई गई है, जिसका साक्ष्य बाहर ही दिखाई देता है. आधा भाग मंदिर का टूटा हुआ आज भी है. आप देखते होंगे मीडिया में बराबर आता रहता है इसके लिए कोर्ट ने चाहा की साक्ष्य चाहिए और साक्ष्य के लिए जो सर्वे हुआ है वह सर्वे से स्पष्ट हो गया है कि यह मंदिर तोड़कर मस्जिद बनी है. जो भी चिन्ह वहां मिले हैं वह केवल मंदिर में ही मिलते हैं मस्जिद में नहीं मिलते हैं . ऐसी स्थिति में ज्ञानवापी भगवान शिव का मंदिर है.

सत्येंद्र दास ने कहा कि वह मस्जिद नहीं है इसलिए तत्काल इस प्रमाण के आधार पर कोर्ट को हिंदू पक्ष में आदेश दे देना चाहिए. ऐसा मुसलमान स्वयं कहते हैं ऐसी स्थिति में जब स्पष्ट हो गया है कि भगवान शिव का मंदिर तोड़कर मस्जिद बनी है. आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि ऐसी स्थिति में उनको मस्जिद छोड़ देनी चाहिए, क्योंकि एक मुसलमान ने कहा है कि यदि यह साबित हो जाता है कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनी है तो हम स्वत: ही छोड़ देंगे ऐसी सद्बुद्धि उनको मिले और वह इस को तत्काल वापस कर दें.

Tags: Ayodhya News, Gyanvapi Masjid Survey, UP news



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