ज्ञानवापी मामले में कार्बन डेटिंग को लेकर हाईकोर्ट ने पूछे ये सवाल, 1 हफ्ते में यूपी सरकार और ASI से मांगा जवाब

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प्रयागराज. वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर में मिली शिवलिंग नुमा आकृति की कार्बन डेटिंग कराए जाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एएसआई यानी आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया से याचिका पर जवाब मांगा है. अदालत ने एएसआई को जवाब दाखिल करने के लिए एक हफ्ते की मोहलत दी है. कोर्ट ने एएसआई से यह बताने को कहा है कि क्या कार्बन डेटिंग से आकृति को कोई नुकसान हो सकता है. कार्बन डेटिंग कराए जाने से आकृति व विवादित परिसर के कितने पुराने होने के बारे में सही जानकारी मिल सकती है क्या?

कोर्ट ने एएसआई से पूछा है कि हकीकत का पता लगाए जाने के लिए कार्बन डेटिंग के अलावा और क्या विकल्प हो सकते हैं. कोर्ट ने पूछा है कि क्या कथित शिवलिंग को नुकसान पहुंचाए बिना कार्बन डेटिंग या किसी दूसरे तरह के साइंटिफिक सर्वे की प्रक्रिया को पूरा किया जा सकता है. हालांकि एएसआई ने इस बारे में जवाब दाखिल करने के लिए 3 महीने की मोहलत मांगी थी. लेकिन अदालत ने 3 महीने की मोहलत दिए जाने से इंकार कर दिया. अदालत ने एएसआई को एक हफ्ते के अंदर अपना जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है.

अदालत इस मामले में अब 30 नवंबर को सुनवाई करेगी. हाईकोर्ट ने इस मामले में यूपी सरकार के धर्मार्थ कार्य विभाग के प्रमुख सचिव से भी जवाब मांगा है. यूपी सरकार से भी इस बारे में अपनी राय देने को कहा गया है. वाराणसी की अदालत में श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा अर्चना की इजाजत दिए जाने की मांग को लेकर याचिका दाखिल करने वाली लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास और रेखा पाठक ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. जस्टिस जेजे मुनीर की सिंगल बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई.

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गौरतलब है कि 16 मई 2022 को कमीशन की कार्रवाई के दौरान कथित शिवलिंग बरामद हुआ था. जिसकी कार्बन डेटिंग कराए जाने को लेकर जिला कोर्ट वाराणसी में हिंदू पक्ष की महिलाओं ने अर्जी दाखिल की थी. जिला जज वाराणसी ने सुनवाई के बाद 14 अक्टूबर को कार्बन डेटिंग की मांग वाली अर्जी खारिज कर दी थी. याची महिलाओं ने वाराणसी जिला जज के इसी आदेश को सिविल रिवीजन दाखिल कर चुनौती दी है. याचिकाकर्ता महिलाओं की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील हरिशंकर जैन और विष्णु जैन पक्ष रख रहे हैं.

Tags: Allahabad high court, Gyanvapi Masjid Controversy, UP news



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