झांसी में नहीं होगी अब प्राणवायु की कमी, जिले में कई जगह लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट

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झांसी में अब किसी भी मरीज को ऑक्सीजन की कमी के कारण जान नहीं गंवानी पड़ेगी.जी हां, झांसी प्रशासन द्वारा पिछले कुछ महीनों में कई ऑक्सीजन प्लांट लगवाए गए हैं.ये ऑक्सीजन प्लांट गंभीर रूप से बीमार लोगों के इलाज में सहायक होंगे.इसके साथ ही अगर कोरोना की लहर दोबारा आती है तो लोगों को दर-दर भटकना नहीं पड़ेगा.

ग्रामीण इलाकों में भी लगे ऑक्सीजन प्लांट
झांसी में अलग-अलग जगहों पर कुल 9 ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं.शहरी इलाकों में जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, कैंट अस्पताल और रेलवे अस्पताल में प्लांट लगाए गए हैं.ग्रामीण इलाकों में रानीपुर, समथर, गरौठा, बरुआसागर और बड़ागांव के सीएचसी पर भी प्लांट लगाए गए हैं.ग्रामीण इलाकों में ऑक्सीजन प्लांट लगने से उन लोगों को काफी फायदा होगा जिन्हें इलाज के लिए शहर आना पड़ता था.

कोरोना की दूसरी लहर में हुई थी ऑक्सीजन की कमी
साल 2021 में पूरा देश कोरोना की दूसरी लहर का सामना कर रहा था.हर तरफ तबाही मची हुई थी.लोग भय के माहौल में थे.इस दौरान लोग सबसे ज्यादा जिस चीज की कमी महसूस कर रहे थे वह थी ऑक्सीजन.हर कोई ऑक्सीजन के एक सिलेंडर के लिए भाग दौड़ कर रहा था.पूरे देश में ऑक्सीजन के सिलेंडर की कमी हो गई थी.ऑक्सीजन के कारण कई लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी. हालांकि आधिकारिक रूप से सरकार ने कभी इस बात को स्वीकार नहीं किया.

कैसे काम करता है ऑक्सीजन प्लांट
ऑक्सीजन प्लांट की मदद से हवा में से ऑक्सीजन को अलग किया जाता है.इसके लिए जिस तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है उसे एयर सेपरेशन कहते हैं.सबसे पहले हवा को कंप्रेस किया जाता है.उसके बाद उसको फिल्टर किया जाता है,ताकि उसमें से अशुद्धियां निकल जाएं.इसके बाद फिल्टर हुई हवा को ठंडा किया जाता है.अब इस हवा को डिस्टिल किया जाता है, ताकि ऑक्सीजन को बाकी गैसों से अलग किया जा सके.इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन लिक्विड बन जाती है और इसी स्थिति में ही उसे इकट्ठा करके रखा जाता है.

(रिपोर्ट – शाश्वत सिंह)

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Tags: Jhansi news



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