टिंगपुच करईया ला चेचकार के लेगबे तभे बनही

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कुशल कारीगिर के संग ला धर के अपन जिनगी मा नवा अंजोर लाए जा सकत हे. नसा पानी कहूं संग ला धरलिस त बिगाड़ होना स्वाभाविक हे. एकरे सेती संगति घलो जान के करना चाही.

वाहिदे फेर आगू पीछू होए ला धर लिस, मौका बेमौका कुछु होवय अपन आप ला अइसे देखाए के कोसिस करना ओखर आदत मा सुमार हे. बड़े के संगत मा खाए बिरो पान अइसे एकठन हाना हाबे. हाना के मरम ला तो घलो जानना चाही. लुट लुट करत रहिबे ते के दिन चलही. अपनो सेती कांही मिहनत,मजूरी काबर नइ खोजय. आए दिन बेकारी के रोना रोवइया मौका के ताक मा रइथें ए बात बने नइ लागय. चलतो बेरा कुबेरा संघरगे तेखर बात अलग होथे.  आए दिन सट ले खुसर के मुड़ी कान ला देखना बने नोहे. काम मा उपस्थित होना घलो चार पईसा बनाए मा मदद करथे. कुशल कारीगिर के संग ला धर के अपन जिनगी मा नवा अंजोर लाए जा सकत हे. नसा पानी कहूं संग ला धरलिस त बिगाड़ होना स्वाभाविक हे.  एकरे सेती संगति घलो जान के करना चाही.

  1. तोला अपन जगा बनाना हे बस

पतियाए, धरे, सकेले सबो के सेती राहय अइसे समझ ला विकसित करना जरूरी हे.  काम हा बोलथे अइसे केहे गेहे. बिसवास के जमाना कभू नइ जावय अपन मेरन जतका गुणवान मनखे के संग रही ततके आने वाला कल बर अच्छा जाने गेहे. नाम लेवत तोर गुन अवगुन के बखान करईया के कमी नइये. तें जानतेच नइ अच तोर पीठ पाछू काए चलत हे. मिहनत के मूल्यांकन रुपिया मा होथे.  ओहिच बुता मा अलग अलग अंजाम देखे सुने ला मिलथे. अपन योग्यता सिद्ध करना हे, बस एक लगन होना चाही. कतका दिन के तपस्या हरय पढ़ई लिखई ट्रेनिंग काम मिलगे त अनुभव करईं एला सबो झन जानथें.  कतको झन तियारे के बुता करथें. चार कदम चलिन मुंअखरा गोठियाइन अउ काम बनगे.  बनउकी बनत देरी नइ लागय तोला बस धीरज लगाके अपन काम ला संवारना हे.

  1. चलगे फेर का पूछना हे थोरके पूंजी हा महल अटारी के सपना ला सच करत देखाए ला धर लेथे. बचाना अउ खपाना एमा अंतर हे. फोकट के सेती ताय जेन अलाली ला बढ़ावा देवत हे. बेकार कोन हे जेन लचार हे तेने. लचार हे कहिके दूसर के हाथ उठथे अउ ओखर मदद हो जथे. मदद करइया मेरन टाइम नईये के ओखर लचारी के आगू काय होवत हे देखय. कतको लचार बइठे हे तभो वोला बिसवास देवाना हमर काम होना चाही.  शरीर अउ मन दूनो के तालमेल से कतको झन के जिनगी मा नवा सुरुज के दरसन हो जथे. लचारी के रोना रोवत के दिन खटाबे.  मने मन तें अपन आप ला मारत रहिबे बस अतके नोहय. घर ले निकल के रुपिया दूरुपिया के महत्व ला अपन निभाव करत हे.  कचरा मा घलो पइसा धरत रइथें. कतको झन अपन खुद के लाइक काम ला खुदे करथें.  बिगड़े नवाब के बात अलग होथे. ओला ओखरे पाप हा निपटा देथे.

  1. तोरेच सेती हरय कहिके सिखोना सिखोवन

महिना मा पंदराही मा हप्ता मा हिसाब होवत आवत हे. कतको जगा सलाना हिसाब होथे. सरकार के हिसाब पांच साला होथे. दिहाड़ी मजूरी ला रोजे कमई रोजे खवई अइसे केहे जाथे. ठीक हे जेन दिन काम नइ मिलिस तेन दिन कइसे होही. बेगारी करके थोरे पेट भरबे.  टिंग पुच करईया बेगारी मा भिड़े हे ओला अजम नईये के काली का होही. हाजिरी लगाए बरोबर रोजाना दरबार मा पहुंचना नियम बना डारे हे. मिलगे ते खावत पियत चलगे. खावत पियत चलना हे अइसे सोंचने वाला एक दिन बुराई करे ला धरथे अउ धोखा खागेंव अइसे पचारथे. पचारे ले कांही होतिस ते काबर भगवान हा पेट ला बनाए रतिस. ओ जानत रइथे तबो तोला पता नइ देवय तें जान तोर काम जानय कहिके चलाय मान हावय अपन गोड़ मा खड़े होके जागना हे. नइ जानस त सीखना परही. कोनो सिखोदेतिन अइसे सोंच के झन बइठ. खुद सीख अउ चार झन ला सिखोए के अवरदा राख.



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