टोक्‍यो पैरालंपिक में भारत के हाथ से छिना मेडल, विनोद कुमार ‘अयोग्य’ पाए गए Tokyo Paralympics 2020 Vinod Kumar loss bronze medal in discus athlete ineligible for classification – News18 Hindi

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नई दिल्‍ली. टोक्‍यो पैरालंपिक (Tokyo Paralympics 2020) में सोमवार को भारत के लिए मेडल की बारिश हुई. शूटिंग में गोल्‍ड आया तो जेवलिन थ्रो और चक्‍का फेंक में सिल्‍वर मेडल आया. इसी बीच इस टूर्नामेंट से एक बड़ी खबर आ रही है. भारत के हाथ से एक ब्रॉन्‍ज छिन गया है. दरअसल चक्‍का फेंक में विनोद कुमार (vinod kumar) ने ब्रॉन्‍ज मेडल जीता था, मगर उनका मेडल होल्‍ड पर रख दिया गया था और अब उन्‍हें विकार के क्लालिफिकेशन निरीक्षण में ‘अयोग्य’ पाए जाने के बाद पुरुषों की एफ52 चक्‍का फेंक स्पर्धा का मेडल गंवा दिया है.

विनोद ने F-52 इवेंट के फाइनल में 19.91 मीटर का थ्रो किया. सिल्वर मेडल क्रोएशिया के वेलिमिर ने जीता जिन्होंने 19.98 मीटर थ्रो किया जबकि पोलैंड के पिओत्र ने 20.02 मीटर के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. विनोद के विकार के क्लासिफिकेशन पर विरोध जताया था, जिस वजह से उनका मेडल होल्‍ड पर रख दिया गया था.

कमजोर मांसपेशी वाले खिलाड़ी लेते हैं एफ52 में हिस्‍सा
एफ52 स्पर्धा में वे एथलीट हिस्सा लेते हैं जिनकी मांसपेशियों की क्षमता कमजोर होती हैं और उनके मूवमेंट सीमित होते हैं, हाथों में विकार होता है या पैर की लंबाई में अंतर होता है जिससे खिलाड़ी बैठकर प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेते हैं.

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रीढ़ की हड्डी में चोट वाले या ऐसे खिलाड़ी जिनका कोई अंग कटा हो, वे भी इसी वर्ग में हिस्सा लेते हैं. पैरा खिलाड़ियों को उनके विकार के आधार पर वर्गों में रखा जाता है. क्लासिफिकेशन प्रणाली में उन खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति मिलती है जिनका विकार एक सा होता है.

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