ट्विन टावर गिराने में दूसरे फ्लैट्स को हुआ नुकसान तो 102 करोड़ से होगी भरपाई

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नोएडा. 21 अगस्त की तारीख सुपरटेक (Supertech) एमराल्ड कोर्ट ट्विन टावर (Twin Tower) को गिराने के लिए तय कर दी गई है. टावर में विस्फोटक लगाने की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं. अब ट्विन टावर के आसपास बने दूसरे टावर्स को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने की कोशिशें चल रही हैं. नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) से जुड़े अफसरों की मानें तो अगर किसी भी दूसरे टावर को ट्विन टावर गिराए जाने की वजह से कोई नुकसान होता है तो इसकी भरपाई की जाएगी. इसके लिए 102 करोड़ का बीमा कराया गया है. साथ ही दूसरे टावर्स को ट्विन टावर के मलबे और धूल से बचाने के लिए भी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. गौरतलब रहे सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश पर ट्विन टावर को गिराया जा रहा है.

ढके जा रहे हैं ट्विन टावर से सटे दूसरे टावर्स

ट्विन टावर को गिराने में लगी कंपनी एडिफिस आसपास बने सभी टावर की वीडियोग्राफी करा रही है. साथ ही ट्विन टावर के मलबे और धूल से बचाने के लिए ट्विन टावर से एकदम सटकर बने सात टावर्स को ढका जा रहा है. टावर्स की वीडियोग्राफी कराने के पीछे एक मकसद यह भी है कि अगर विस्फोट से किसी टावर को कोई नुकसान होता है तो वो वीडियो में साफ दिखाई दे जाएगी कि विस्फोट से पहले बिल्डिंग कैसी थी. टावर्स के अंदर और बाहर विडियोग्राफी कराई गई है. जानकारों की मानें तो सुपरटेक के तीन अैर एटीएस के चार टावर्स को विस्फोट से पहले ढका जाएगा.

विस्फोट का कंपन बनेगा मुआवजे का आधार

नोएडा अथॉरिटी से जुड़े जानकारों की मानें तो ट्विन टावर से सटकर बने टावर्स को मुआवजे की कैटेगिरी में रखा गया है. यह दायरा बीमा करने वाली कंपनी के मानकों के हिसाब से तय किया गया है. कंपनी अपने मानकों के हिसाब से आईआईटी चैन्नई की एक टीम के विस्फोट वाले दिन मौके पर मौजूद रखेगी. आखिरी विस्फोट होने पर आईआईटी की यह टीम कंपन को मापेगी. कंपन का मापन ही तय करेगा कि किसी भी फ्लैट में हुआ नुकसान विस्फोट की वजह से हुआ है या किसी ओर वजह से. सूत्रों की मानें तो टाटा एआईजी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से 102 करोड़ रुपये का बीमा कराया गया है.

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मलबे से बचाने को खड़ी की जाएगी 30 मीटर ऊंची लोहे की दीवार

एडिफिस कंपनी ट्विन टावर को तोड़ने का काम कर रही है. लेकिन जब सैकड़ों किलो विस्फोटक लगाकर टावर को गिराया जाएगा तो उसका मलबा यहां-वहां न जाए, इसके लिए कंपनी कई पाइंट पर काम कर रही है. ट्विन टावर के चारों ओर कंपनी जीओ फाइबर क्लाथ का जाल लगा रही है. लेकिन भारी और बड़़े मलबे को रोकने के लिए जाल से पहले लोहे के कंटेनर से दीवार बनाकर खड़ी करने की तैयारी चल रही है.

एक के ऊपर एक कंटेनर रखकर 30 मीटर ऊंची दीवार खड़ी की जाएगी. मलबे की धूल भी आसपास न जाए इसके लिए कई बड़ी-बड़ी मशीनों से पानी का छिड़काव किया जाएगा. चर्चा तो हेलीकॉप्टर से पानी का छिड़काव कराए जाने की भी है, लेकिन इस बारे में कोई बोलने को तैयार नहीं है.

Tags: Noida Authority, Supertech twin tower, Supreme Court



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