….तो क्या बुलडोजर के वार से 2024 लोकसभा चुनावों का रास्ता साफ करना चाहती है बीजेपी!

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लखनऊ. उत्तरप्रदेश में जिस तरह से माफियाओं और अपराधियों पर कारवाही हो रही है उससे यह साफ सन्देश दिया जा रहा है की योगी सरकार अपने वादों के अनुसार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. ये तरीका काम भी खूब आ रहा है , अपराधी जेल से बहार आने में कतरा रहे हैं ,कई तो खुद सरेंडर कर रहे हैं. छोटे बड़े सभी अपराधियों में डर का माहौल बनने लगा है. हाल ही में हुए कई एनकाउंटर और बुलडोजर की कारवाही से अपराधियों के मन में डर है. अपराध पर लगाम लगाने के लिए इस तरह की कारवाही भाजपा शासित लगभग हर राज्य में देखने को मिली है. जो सीधे तौर पर दुरुस्त कानून व्यवस्था और सुशासन का सन्देश देने का एक प्रयास है. जो की एक पॉजिटिव सन्देश देता है. पर एक बड़े परिदृश्य में देखा जाये तो इस बुलडोजर के वार का बड़ा फायदा भारतीय जनता पार्टी को 2024 के लोकसभा चुनाव में भी मिल सकता है.
आकड़ों के अनुसार अब तक 20 हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति पर योगी सरकार के कार्यकाल में कार्रवाई हो चुकी है. जिसमे 325 करोड़ रुपये की संपत्ति अकेले माफिया अतीक अहमद की थी.

इन राज्यों में चला बुलडोजर

मध्यप्रदेश

कुछ दिनों पूर्व राम नवमी के मौके पर खरगौन हिंसा में संलिप्त कथित दंगायिओं के 50 से अधिक घर तोड़े गए. मध्यप्रदेश में दो साल के अंदर भाजपा राज्य में अब तक 12 हजार करोड़ से ज्यादा रुपये की संपत्ति पर बुलडोजर चल चुका है. तो वहीं भूमाफियाओं से 15 हजार एकड़ जमीन मुक्त कराई जा चुकी है. 188 भूमाफियाओं पर रासुका लगायी गई, तो 498 को तड़ीपार भी किया गया.

गुजरात

मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल के राज्य में भी हाल ही में बुलडोजर की कार्रवाई देखने को मिली. खम्भात में रामनवमी के मौके पर हिंसा हुई , जिसके बाद आरोपियों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाए गए. इस हिंसा में एक की मौत भी हुई थी. जिसके बाद आरोपियों के किये गए अतिक्रमण को हटाया गया.

दिल्ली

बुधवार को दिल्ली नगरनिगम का बुलडोजर चला जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी. 16 अप्रैल को हनुमान जयंती के मौके पर यहां शोभा यात्रा निकाली गई जिसपर पथराव हुआ. जिसके बाद जहांगीरपुरी में अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला.

हरियाणा

मनोहर लाल खट्टर की सरकार में भी बुलडोजर की कार्रवाई देखी गयी. सिरसा में दो बड़ी अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलवाया गया.

असम

बुलडोजर की कारवाही असम में भी देखने को मिली. यहां पिछले साल नगांवा जिले में जब्त किये गए ड्रग्स पर बुलडोजर चलाया गया. इसको ड्रग्स की सप्लाई लाइन काटने की राह में एक अहम कदम के रूप में देखा गया .

सवालों के घेरे में बुलडोजर

जहां एक तरफ सरकार बुलडोजर का इस्तेमाल दंगाइयों अपराधियों माफियाओं को नियंत्रित करने के दंड के रूप में दिखा रही है तो वहीं विपक्ष ऐसी कार्रवाई पर कई तरह के सवाल भी खड़े कर रहा है. आरोप लग रहे हैं की ऐसी कार्रवाई से गरीबों और अल्पसंख्यकों पर ज़ुल्म ढाया जा रहा है. और इस तरह से दंड देना अनुचित है. राहुल गांधी का कहना है कि महंगाई और बेरोजगारी पर बुलडोजर चलाने की बजाय भाजपा का बुलडोजर घृणा और भय से भरा पड़ा है. गंभीर अपराधों के अपराधियों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई नहीं की गई, जैसी कि तोड़फोड़ की कार्रवाई करने वाले लोगों के विरुद्ध की जा रही है और इसका उद्देश्य बदला लेना है. किसी भी राज्य प्रशासन को प्रभावी प्रतिरोधक के रूप में ऐसे कदम उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है.

वहीं अखिलेश यादव का कहना है कि बुलडोजर को लेकर देशभर में आक्रोश पैदा हो रहा है. भाजपाई गैरकानूनी तरीके से अपने विरोधियों के निर्माण को अवैध घोषित कर बुलडोजर चलवा रहे हैं. अब जनता भाजपाइयों के घरों, कार्यालयों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों के निर्माण की वैधता की जांच का आंदोलन छेड़ेगी और सच सबके सामने लाएगी. तो वहीं दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में प्रशासन के अतिक्रमण रोधी अभियान पर आम आदमी पार्टी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी. आम आदमी पार्टी ने कहा कि देश में दंगे रोकना है तो भाजपा के हेडक्वॉर्टर और गृहमंत्री अमित शाह के घर पर बुलडोजर चलाया जाए. राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा सहित आप के कई बड़े नेताओं ने भाजपा और गृहमंत्री पर दंगे कराने का आरोप लगाया . दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इन नेताओं के बयानों को रीट्वीट किया है.

2022 विधानसभा चुनाव में हमें देखने को मिला की किस तरह से बुलडोजर भारतीय जनता पार्टी की पहचान बन गया और लोगों में किस तरह से बुलडोजर के प्रति लोकप्रियता बढ़ी है. आज बुलडोजर अपराधियों और माफियाओं की सफाई करने के जरिये के रूप में पहचान बना चुका है. और बुलडोजर का इस तरह से कानून व्यवस्था से जुड़ना भारतीय जनता पार्टी के लिए काफी हद तक लाभदायी साबित हो रहा है. आगे भी इस तरह से बुलडोजर की कारवाही अलग अलग जगह पर देखने की हम उम्मीद कर सकते है.

आपके शहर से (लखनऊ)

उत्तर प्रदेश
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Tags: 2024 Loksabha Election, UP news



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