दिल्ली की सड़कों पर नहीं उड़ेगी अब धूल, केजरीवाल सरकार ने निकाला ये रास्ता, जानिए क्या बनाई रणनीति?

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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने PWD को सड़कों के प्रोजेक्ट में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं.

प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने नई योजना तैयार की है. सरकार पुनर्विकसित की जाने वाली सड़कों के जरिए प्रदूषण के लेवल को भी घटाने का काम करेगी. इन सड़कों का डिजाइन इस तरह से तैयार किया जाएगा कि सड़कों पर धूल ना उड़े. सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में अभी सड़कों के किनारे हरियाली का दायरा कम है. सड़कों के री-डिजाइन के बाद फुटपाथ पर पेड़ लगाने के लिए जगह होगी और ग्रीन बेल्ट के लिए भी जगह होगी.

नई दिल्ली. दिल्ली की सड़कों को अब यूरोपीय शहरों (European Cities) की तर्ज पर खूबसूरत और आकर्षक बनाने का काम किया जाए. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को 540 किलोमीटर लंबी सड़कों के प्रोजेक्ट में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं.

साथ ही यह भी कहा है कि अलग-अलग इलाकों में विकसित की जा रही करीब 35 किलोमीटर लंबी सड़कों के सौंदर्यीकरण के कार्य को तय समय सीमा के भीतर साल के अंत तक पूरा किया जाए.

इसके अलावा प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने एक नई योजना बनाई है. सरकार पुनर्विकसित की जाने वाली सड़कों के जरिए प्रदूषण के लेवल को भी घटाने का काम करेगी. इन सड़कों का डिजाइन इस तरह से तैयार किया जाएगा कि सड़कों पर धूल ना उड़े.

सीएम केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में अभी सड़कों के किनारे हरियाली का दायरा कम है. सड़कों के री-डिजाइन के बाद फुटपाथ पर पेड़ लगाने के लिए जगह होगी और ग्रीन बेल्ट के लिए भी जगह होगी. ऑटो व ई-रिक्शा के लिए अलग से जगह और स्टैंड दिया जाएगा. सड़क के स्लोप व नालों को री-डिजाइन व री-कंस्ट्रक्ट किया जाएगा.नालों के अंदर री-हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे होंगे. सड़क के स्लोप को ठीक किया जाएगा, ताकि बारिश के पानी को जमीन में री-चार्ज किया जा सके. स्ट्रीट फर्नीचर लगेंगे, जंक्शन को ठीक किया जाएगा और सड़क पर कोई खुला स्पेस नहीं होगा. सड़क किनारे घास या पेड़ लगाया जाएगा और सड़कों को री-सर्फेस किया जाएगा.

सड़कों के आसपास खाली 1 इंच जगह में भी लगेगी घास
सड़कों के री-डिजाइन के बाद सड़क के आस-पास एक इंच जमीन भी खाली नहीं होगी, जहां पर घास न लगी हो, ताकि सड़क पर धूल से प्रदूषण बिल्कुल न हो. अभी सड़कों पर धूल उड़ने की समस्या है. इस वजह से लोगों को धूल प्रदूषण की समस्या होती है. सड़क के किनारे खाली जमीन पर ग्रीन बेल्ट या घास लगाई जाएगी, ताकि हरियाली की वजह से सड़कें खूबसूरत दिखें और धूल से होने वाला प्रदूषण कम किया जा सके.

सीएम अरविंद केजरीवाल ने प्रोजेक्ट में तेजी लाने के निर्देश देते हुए अधिकारियों से कहा कि प्राथमिकता के आधार पर इन सड़कों के पुनर्विकास कार्य को समय सीमा के अंदर पूरा किया जाए. उन्होंने टेंडर की प्रक्रिया शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि तय समय सीमा के अंदर कार्य पूरा किया जा सके.

सड़कों का पुनर्विकास 2023 तक पूरा करने की उम्मीद
अधिकारियों ने सीएम को आश्वस्त किया कि टेंडर की प्रक्रिया अगले एक-दो महीने में पूरी कर ली जाएगी और इस साल के मध्य तक कार्य शुरू हो जाएगा. अधिकारियों ने यह भी आश्वस्त किया कि सड़कों को रीडिजाइन कर विकसित करने का कार्य तय समय सीमा 2023 तक पूरा कर लिए जाने की पूरी उम्मीद है.  दरअसल मुख्यमंत्री की ओर से इस प्रोजेक्ट की समीक्षा करने के लिए पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) और अधिकारियों के साथ मीटिंग बुलाई थी.

री-डिजाइन सड़कों पर यह होंगी खास सुविधाएं 
-रिक्शा के लिए पार्किंग
-पार्किंग के लिए स्थान चिंहित
-ग्रीन बेल्ट
-पब्लिक ओपन स्पेश
-साइकिल लेन-पैदल पाथ लेन
-सड़क की दीवारों पर विभिन्न तरह की डिजाइन का डिस्प्ले होगा
-सड़क के बगल में पार्क होगा तो उसे दीवार से ढका नहीं जाएगा, ताकि सड़क से पार्क की खूबसूरती दिखे.



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