दीक्षांत समारोह में दिखा ‘सोने की चिड़िया’ वाला भारत, मंगल पांडे को देख भावुक हुए दर्शक

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रिपोर्ट- विशाल भटनागर

मेरठ: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर (Chaudhary Charan Singh University ) में आजादी के अमृत महोत्सव (Amrit Mahotsav) के तहत भव्य नाटक के मंचन का आयोजन हुआ. जिसमें भारत को सोने की चिड़िया कहे जाने से लेकर अंग्रेजों की गुलामी तक के दृश्यों की प्रस्तुति हुई. इसके साथ ही आजादी की लड़ाई के प्रमुख दृश्य भी नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किए गए.

उत्तर प्रदेश संस्कृत भाषा संस्थान द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. वैसे तो नाटक संस्कृत भाषा आधारित था. फिर भी कलाकारों ने दर्शकों को अपनी तरफ आकर्षित करने में कामयाब रहे. दीक्षांत समारोह के बाद पहला ऐसा कोई कार्यक्रम था जिसमें कि सेमिनार की सभी सीटें खाचा खच भरी हुई थीं. लोग एलसीडी पर भी कार्यक्रम देखते नजर आए. नाट्य मंचन में कलाकारों द्वारा किए गए अभिनय के माध्यम से मानो ऐसा लग रहा था.जैसे कि 200 साल पूर्व की घटनाओं को वास्तविक रूप से देख रहे हों.

‘मंगल पांडे’ को देख लोग हुए भावुक
कलाकारों मे नाट्य मंचन के जरिए दर्शाया की क्यों भारत पहले सोने की चिड़िया कहलाता था. कैसा भारतीयों की जीवन था, रहन-सहन हमारी शैली सब कुछ.साथ ही साथ ये भी दिखाया गया कि किस प्रकार ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में पैर जमाया और धीरे-धीरे भारत को अपनी गुलामी की बेड़ियों में जकड़ लिया. उसका पूरा दृश्य नाटक के मंचन के माध्यम से दिखाया गया. इतना ही नहीं झांसी की रानी हो या मंगल पांडे सभी के दृश्य को दिखाया गया. जिसे देख लोग भाव विभोर हो गए.ऐसा लग रहा था मानो ‘मंगल पांडे’ जिंदा हो गए गए हों.

राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने की प्रशंसा
News18 local से खास बातचीत करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री समाज कल्याण विभाग असीम अरुण ने भी कार्यक्रम की प्रशंसा की. मंत्री ने तारीफ करते हुए कहा कि,भले ही इस नाटक के मंचन में संस्कृत भाषा का प्रयोग किया गया. लेकिन जिस तरीके से कलाकारों ने आजादी की गाथा को दिखाया है.वह अद्भुत है. बताते चलें कि राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण विशिष्ट अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में उपस्थित हुए थे.



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