देश की पहली डिजिटल यूनिवर्सिटी कैसी होगी? क्या पढ़ेंगे छात्र, कैसे मिलेगी डिग्री; मंथन में जुटे शिक्षाविद

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रिपोर्ट – अभिषेक जायसवाल

वाराणसी. आज की दुनिया में सब कुछ डिजिटल हो रहा है. पढ़ाई हो या शॉपिंग या फिर अन्य कोई काम. घर बैठे आसानी से सरकारी सुविधाएं मिल रही हैं. ऐसे में पढ़ाई भी डिजिटल हो, डिग्री भी डिजिटल, इस पर मंथन करने के लिए इन दिनों वाराणसी में देशभर के शिक्षाविद जुटे हुए हैं. नई शिक्षा नीति के तहत अगले साल से देश की पहली डिजिटल यूनिवर्सिटी खोलने पर विचार-विमर्श चल रहा है.

इस यूनिवर्सिटी में कोई भी छात्र आसानी से एडमिशन ले सकेगा, डिग्री, सर्टिफिकेट या डिप्लोमा कोर्स कर सकेगा. डिजिटल यूनिवर्सिटी ठीक वैसे ही काम करेंगी जैसे कि आम विश्वविद्यालयों में होता है. डिजिटल यूनिवर्सिटी की डिग्री की वैल्यू भी उतनी ही होगी, जितनी कि किसी यूनिवर्सिटी की डिग्री होती है.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में डिजिटल यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की थी. अब इसे आकार देने का काम शुरू किया गया है. इसके लिए उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में अखिल भारतीय शिक्षा समागम का आयोजन हुआ है, जिसमें देशभर की अलग-अलग यूनिवर्सिटी से आए कुलपति इस बात पर विमर्श कर रहे हैं. डिजिटल विश्वविद्यालय को क्या आकार दिया जाए, इसे छात्रों के लिए कैसे रोचक बनाया जाए, इस पर बातें हो रही हैं.

इस बारे में यूजीसी के चेयरमैन एम जगदीश कुमार ने बताया कि ‘डिजिटल यूनिवर्सिटी शुरू करने को लेकर काम अंतिम चरण में चल रहा है. ये विश्वविद्यालय पूरी तरह से पारदर्शी होगा और इसका फायदा छात्रों के साथ शिक्षकों को भी मिलेगा’.

आपको जानकारी के लिए बता दें कि इस डिजिटल यूनिवर्सिटी में हर वह छात्र एडमिशन ले सकता है, जो 12वीं कक्षा पास कर चुका है. इसके लिए सशक्त नेटवर्क की व्यवस्था की जा रही है, जिससे छात्रों को  पढ़ाई में परेशानी का सामना न करना पड़े. साथ ही साथ अन्य सुविधाओं पर भी विचार किया जा रहा है. यूजीसी के चेयरमैन एम जगदीश कुमार का मानना है कि वो देश के उद्योगपतियों से बात करके जल्द से जल्द सस्ते डिवाइस की भी व्यवस्था करवाएंगे, ताकि इसका लाभ हर वर्ग का छात्र उठा सके.

Tags: University education, Varanasi news



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