देश में लांच होगा डिजिटल बाजार, जानिए कैसे यह ग्राहक और कारोबारियों को करेगा मालामाल

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नई दिल्‍ली. ऑनलाइन शॉपिंग (Online Shopping) करने वालों या ऑनलाइन अपना सामान बेचने के लिए तैयारी कर रहे छोटे-बड़े कारोबारियों के लिए अच्‍छी खबर है. आने वाले समय में देश में ऑनलाइन कारोबार से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है. हाल ही में केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के डीपीआइआइटी विभाग ने ओपन नेटवर्क डिजिटल कॉमर्स प्लेटफार्म (Open Network Digital commerce Platform) को लांच किये जाने की घोषणा की है. इसके लिए एक उच्च अधिकार प्राप्त एडवाइजरी कॉउन्सिल का भी गठन किया जा रहा है.

इससे न केवल छोटे विक्रेता और उपभोक्ताओं को जो वर्तमान में बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों के बंधक बने हुए हैं, उनसे छुटकारा ले पाएंगे बल्कि एक बड़े डिजिटल बाजार (Digital Bazar) या ओपन नेटवर्क पर व्‍यापार से लेकर खरीदारी भी कर सकेंगे. इस ओपन नेटवर्क पर छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी ई कॉमर्स कंपनियों (E Commerce Companies) को व्यापार करने की सुविधा होगी वहींं ग्राहकों (Customers) को भी जिस भी कम्पनी से सस्ता और अच्छी गुणवत्‍ता का सामान मिल रहा है उसे खरीदने की स्वतंत्रता होगी.

इस बारे में कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री और सरकार के इस प्रोजेक्‍ट की एडवाजरी कमेटी के सदस्‍य प्रवीन खंडेलवाल कहते हैं कि ओपन नेटवर्क अपने नाम के अनुरूप है. यानि कि यह डिजिटल बाजार होगा. इस नेटवर्क से जुड़ने का लाभ यह होगा की ई-कॉमर्स कंपनियों को देश भर के व्यापारियों (Traders) और ग्राहकों का एक बड़ा बाजार बिना कुछ ज्यादा मेहनत किये मिल सकेगा. साथ ही ग्राहकों या उपभोक्ताओं (Consumers) को भी अपनी मर्जी का सामान इस प्लेटफार्म से जुडी किसी भी कम्पनी के विक्रेता से खरीदने की सुविधा होगी.

अभी ग्राहकों को ऑनलाइन शॉपिंग में करनी पड़ती है ये मेहनत

खंडेलवाल बताते हैं कि वर्तमान में जो ग्राहक केवल एक ही पोर्टल से जुड़ा है वो केवल उसी पोर्टल से सामान खरीद सकता है. किसी और पोर्टल से खरीदने के लिए उसे दूसरे पोर्टल पर जाना पड़ता है जबकि इस नेटवर्क पर वह किसी भी कम्पनी से सामान या सेवा खरीदने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है. ग्राहक को बार-बार पोर्टल नहीं बदलना पड़ेगा बल्कि वह जैसे एक बड़े बाजार में किसी भी दुकान से सामान लेता है उसी तरह यहां भी किसी भी कंपनी से सामान खरीद सकेगा.

इससे बदलेगा ई-कॉमर्स का ढांचा, छोटे कारोबारियों को होगा लाभ

वे कहते हैं कि अगर यह कोशिश सफल होती है तो यह पूरे विश्व में ई-कॉमर्स व्यापार का ढांचा ही बदल देगा और ऑनलाइन कारोबार करने वाली बड़ी-बड़ी कंपनियों की मनमानी पर लगाम लग सकेगी जबकि छोटे से छोटा व्यापारी भी इस ओपन नेटवर्क का लाभ बेहद आसानी से उठा सकेगा.

देश में लगभग 4 हजार से ज्यादा छोटी-बड़ी ई कॉमर्स कंपनियां हैं जो ई-सिस्टम के माध्यम से ग्राहकों को सामान दे रही हैं. वहीं लगभग 500 से अधिक लॉजिस्टिक कंपनियां हैं जो ई कॉमर्स का सामान विक्रेताओं से लेकर ग्राहकों तक पहुंचाती हैं. लगभग 20 हजार से ज्यादा  ऐसी कंपनियां हैं जो ई कॉमर्स के माध्यम से ट्रेवल, होटल, दवाई, अनेक प्रकार के उपकरण,अस्पताल,ब्यूटी सैलून, हेल्थ क्लब, जिम, रेस्टॉरेंट, खाद्य सामग्री एवं अन्य  व्यावसायिक सेवाएं सहित अनेक प्रकार की सेवाएं दे रही हैं. इसके अलावा लाखों लोग ई कॉमर्स में विभिन्न व्यावसायिक एवं प्रोफेशनल गतिविधियां कर रहे हैं.

कंपनियों या व्‍यापारियों को करना होगा ये काम

खंडेलवाल बताते हैं कि चाहे छोटा कारोबारी हो या बड़ी कंपनी अब सभी को ई-कॉमर्स के लिए बने ड्राफ्ट नियमों के अनुसार अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य और होगा और सभी लोगों को ओपन नेटवर्क से जुड़कर अपने व्यापार को बढ़ाने  के सभी अवसर समान रूप से मिलेंगे.  देश भर के व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं को ई कॉमर्स से जोड़ने का ओपन नेटवर्क सबसे बढ़िया जरिया साबित होगा.

इसके साथ ही ओपन नेटवर्क प्रोटोकॉल ग्राहकों के लिए कई मायने में लाभदायक साबित होगा. ओपन नेटवर्क में मूल्य पर तकनीक के द्वारा नियंत्रण रखने और एक इंटरऑपरेबल ओपन प्लेटफार्म बनाकर ग्राहक, एप्लिकेशन डेवलपर्स, सरकारें और व्यवसाय करने वाले लोग को फायदा पहुंचाना इस नेटवर्क का लक्ष्य है. यह एमएसएमई और छोटे व्यापारियों के लिए जो ई कॉमर्स के जरिये अपने व्यापार को बढ़ाना चाहते हैं, के लिए एक बड़ा वरदान साबित होगा.

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