नोएडा में अब लाटरी-इंटरव्यू सिस्टम से नहीं डीडीए की तर्ज पर मिलेंगे प्लॉट-दुकान

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नोएडा. जमीन आवंटन में फर्जीवाड़ा (Fraud) रोकने के लिए नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) ने एक बड़ा कदम उठाया है. अथॉरिटी अब जमीन का आवंटन डीडीए (DDA), दिल्ली की तर्ज पर करेगी. गुरुवार को अथॉरिटी में हुई बोर्ड बैठक के दौरान इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है. अब अथॉरिटी में जमीन आवंटन (Land Allotment) के लिए लाटरी और इंटरव्यू सिस्टम नहीं चलेगा. ऐसा माना जा रहा है कि जमीन आवंटन में सीएजी की कई आपत्तियों के बाद यह फैसला लिया गया है. सूत्रों की मानें तो करीब 30 हजार करोड़ रुपये अथॉरिटी के जमीन आवंटन में फंसे हैं. इसी के चलते अथॉरिटी ने नियमों में बदलाव किया है.

अब जो ऊंची बोली बोलेगा उसे ही मिलेगा प्लॉट

नोएडा अथॉरिटी के अफसरों की मानें तो जमीन आवंटन के नियमों में बदलाव कर दिया गया है. सीएजी की आपत्तियों पर हुए विचार के बाद अथॉरिटी ने यह फैसला लिया है. अब से रेजिडेंशियल, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल, इंस्टीट्यूशनल और आईटी समेत हर तरह की जमीन लेने के लिए नीलामी की तरह से बोली में शामिल होना होगा. आवेदन करने के बाद एक तय तारीख में प्लॉट की बोली लगाई जाएगी.

जो भी आवेदक प्लॉट की सबसे बड़ी बोली बोलेगा प्लॉट उसे आवंटित कर दिया जाएगा. अब इस नियम के बाद प्लॉट छोटा हो या हजारों वर्गमीटर का उसके लिए लाटरी और इंटरव्यू सिस्टम नहीं अपनाया जाएगा. इतना ही नहीं डीडीए की तरह से बोली लगाने वाले को एक साल के भीतर ही प्लॉट या फ्लैट की पूरी कीमत अथॉरिटी में जमा करानी होगी.

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डीडीए के यह नियम भी लागू होंगे जमीन आवंटन में

ई-ऑक्शन के जरिए भूखंड आवंटन हासिल करने वाले आवंटी को निर्धारित अवधि में पूरी राशि एकमुश्त जमा करनी होगी. इस पर भूखंड की कुल कीमत का 2 फीसद छूट के तौर पर दिया जाएगा. ग्रुप हाउसिंग भूखंड के लिए आवंटन योजना में बिल्डर और बायर्स के हितों को ध्यान में रखा जाएगा. इसके लिए स्कीम ब्रोशर में संशोधन किए गए हैं. कंसोर्टियम मेंबर्स को कंपलीशन सर्टिफिकेट लेने तक शत-प्रतिशत अंत धारिता बनाए रखना अनिवार्य होगा.

भूखंड आवंटन की दशा में प्रीमियम के मद में देय समस्त राशि आवंटन की तिथि से 90 दिन के अंदर एकमुश्त जमा करना अनिवार्य होगा. डेवलपर को नोएडा अथॉरिटी के साथ एसक्रो अकाउंट खुलवाना अनिवार्य होगा. इन एसक्रो अकाउंट पर बायर भी नजर रख सकते हैं. आवंटन के पश्चात भूखंडों का उप विभाजन और समामेलन अनुमन्य नहीं किया जाएगा. आवंटी या विकासकर्ता को उनके बायर्स के नाम, आवंटित फ्लैट संख्या और एसक्रो अकाउंट में डाले जाने वाली धनराशि का विवरण प्रत्येक 3 महीने में अनिवार्य रूप से प्राधिकरण को उपलब्ध करवाना होगा.

Tags: DDA, Industrial plot plan noida, Land Purchase Case, Noida Authority



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