नोएडा में दिसम्बर से देना होगा पानी का बिल, जानें प्लान

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नोएडा. कार-बाइक (Car-Bike) धोकर, जरूरत से ज्यादा पानी बगीचे में और जमीन पर छिड़काव कर बर्बाद करना अब आसान नहीं होगा. दिसम्बर से एक-एक बूंद पानी का हिसाब देना होगा. नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) हाउसिंग सोसाइटी और दूसरे संस्थानों मे पानी के मीटर लगवाने जा रही है. अथॉरिटी का दावा है कि अगस्त के आखिरी हफ्ते से पानी के मीटर (Water Meter) लगाने का काम शुरू हो जाएगा. 25 अगस्त तक बैंग्लूरू (Bangalore) से मीटर नोएडा पहुंच जाएंगे. यह एक पायलट प्रोजेक्ट होगा. इसके तहत 5 हजार परिसरों में मीटर लगाने का काम किया जाएगा. यह पूरी तरह से हाईटेक मीटर हैं. किस घर में पानी का कितना इस्तेमाल हुआ है इसकी रीडिंग मीटर खुद ही सिस्टम को भेज देगा.

नोएडा में अभी यह है वॉटर टैक्स लेने का तरीका

नोएडा अथॉरिटी से जुड़े अफसरों की मानें तो फिलहाल नोएडा में प्लाट साइज के हिसाब से वॉटर टैक्स वसूला जा रहा है. जैसे रेजिडेंशियल, इंस्टिट्यूशनल और इंडस्ट्रियल प्लाट के हिसाब से वॉटर टैक्स के रेट अलग-अलग हैं. अगर रेजिडेंशियल 30 वर्गमीटर प्लाट की बात करें तो 60 रुपये वॉटर चार्ज के और 24 रुपये टैक्स लिया जाता है. इंस्टिट्यूशनल और इंडस्ट्रियल में इसी साइज के प्लाट के लिए 130 रुपये वॉटर चार्ज और 120 रुपये टैक्स लिया जाता है. कामर्शियल 180 वॉटर चार्ज और 120 रुपये टैक्स के लिए जाते हैं. ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी और गांव में पानी के बिल फिक्स हैं.

नोएडा में दिल्ली से कम रखी जाएगी पानी की कीमत

जानकारों की मानें तो नोएडा में वॉटर मीटर लगने के बाद किलो लीटर के हिसाब से पानी के रेट तय किए जाएंगे. इसके लिए नोएडा अथॉरिटी की ओर से एक कमेटी बनाई गई है. कमेटी दिल्ली, गुड़गांव, हैदराबाद और बेंगलुरू में लिए पानी के लिए तय दरों का अध्ययन करेगी. चर्चा यह भी है कि नोएडा में पानी की कीमत दिल्ली से कम होगी. इसी अध्ययन के चलते शुरुआत में सिर्फ 5 हजार कनेक्शन पर वॉटर मीटर लगाए जाने की योजना है. अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा था इसी हफ्ते से मीटर लगाने का काम शुरू हो जाएगा.

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ग्रेटर नोएडा को भी गंगाजल पिलाने की ऐसे चल रही तैयारी

जानकारों की मानें तो गाजियाबाद के देहरा गांव से ग्रेटर नोएडा तक पाइप लाइन बिछाई गई है. इस लाइन से ग्रेटर नोएडा तक 51.9 क्यूसेक गंगाजल लाया जाएगा. अफसरों का कहना है कि अभी शुरुआत में कुछ सेक्टर और गांवों से गंगाजल पिलाने की शुरुआत की जाएगी. हालांकि पानी की यह मात्रा बाद में बढ़कर 85 क्यूसेक तक पहुंच जाएगी. अभी तक ग्रेटर नोएडा में 70 क्यूसेक ग्राउंड वॉटर की सप्लाई हो रही है. लेकिन पीने में यह पानी खारा है.

लेकिन गंगाजल योजना के तहत 85 क्यूसेक गंगाजल की सप्लाई की जाएगी. गंगाजल को ट्रीट करने के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाए गए हैं. पहला ट्रीटमेंट प्लांट देहरा से 11 किलोमीटर दूर. दूसरा वहां से 18 किलोमीटर दूर पल्ला में बनाया गया है. इसी रास्ते से होकर ग्रेनो के मास्टर रिजर्व वायर तक गंगाजल लाया जाएगा. फिर यहां से सप्लाई के लिए बने रिजर्व वायर तक पानी पहुंचाया जाएगा. आखिर में ओवरहेड टैंक के जरिए पूरे ग्रेनो में गंगाजल की सप्लाई की जाएगी. देहरा प्लांट से तो अक्टूबर में ही पानी की टेस्टिंग शुरू हो चुकी है. अब सिर्फ फाइनल टेस्टिंग का काम बाकी रह गया है.

Tags: Delhi news, Noida Authority, Water supply



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