प्रधान ने कहा- भाषा आधारित शिक्षा के लिए प्रयोगशाला बनेगा असम : Education Minister Pradhan said Assam will become a laboratory for language based education

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प्रधान ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और मातृभाषा या स्थानीय भाषा में शिक्षण पर जोर देना चाहिए. मैं दृढ़तापूर्वक मानता हूं कि हमारी भाषा की विविधता हमारी सभ्यता का प्रमुख एकीकरण कारक है.

News Nation Bureau | Edited By : Vijay Shankar | Updated on: 21 Nov 2021, 08:52:18 AM
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Dharmendra pradhan (Photo Credit: Twitter)

highlights

  • गुवाहाटी में नॉर्थ-ईस्ट एजुकेशन कॉन्क्लेव 2021 में बोले प्रधान
  • कहा- अगले दशक तक भाषा पर नए दृष्टिकोण को लागू करने के लिए बाध्य
  • शिक्षा मंत्री ने कहा- भाषा की विविधता हमारी सभ्यता का प्रमुख एकीकरण कारक

 

गुवाहाटी:

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने अगले दशक में असम को देश की भाषा आधारित शिक्षा की प्रयोगशाला के रूप में देखा है. वह शनिवार को गुवाहाटी में नॉर्थ-ईस्ट एजुकेशन कॉन्क्लेव 2021 में बोल रहे थे. प्रधान ने कहा कि अगले दशक तक हम भाषा पर नए दृष्टिकोण को लागू करने के लिए बाध्य हैं. चाहे जो भी चुनौतियां आएं, मैं देख रहा हूं कि असम देश में भाषा आधारित और ज्ञान प्रदान करने वाली शिक्षा प्रणाली की प्रयोगशाला बनता जा रहा है. उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में समुदायों और जनजातियों द्वारा बोली जाने वाली करीब 180 भाषाएं देश की ताकत हैं. प्रधान ने कहा कि इनमें से 64 से अधिक भाषाएं असम में बोली जाती हैं. मेरा दृढ़ विश्वास है कि हमारी भाषा की विविधता हमारी सभ्यता का प्रमुख एकीकरण कारक है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शैक्षिक नीति (एनईपी) ने बहुत सारे रास्ते खोले हैं.

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प्रधान ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और मातृभाषा या स्थानीय भाषा में शिक्षण पर जोर देना चाहिए. मैं दृढ़तापूर्वक मानता हूं कि हमारी भाषा की विविधता हमारी सभ्यता का प्रमुख एकीकरण कारक है. एनईपी ने मातृभाषा, स्थानीय भाषाओं को महत्व देते हुए भाषा की संभावना को बढ़ाया है. 
उन्होंने कहा कि एनईपी को तेजी से बदलती दुनिया को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया था. भारत में 26 करोड़ छात्र हैं और उनमें से 1.25 करोड़  छात्र मुख्य रूप से असम में पढ़ रहे हैं. एनईपी हमारे सामने परिवर्तनकारी मार्ग का साधन और दस्तावेज है. मानवता और सभ्यता के लिए, चुनौती यह है कि समाज के सभी वर्गों को समान आर्थिक अवसर कैसे दिए जा सकते हैं. प्रधान ने शिक्षा पर अपने सकल घरेलू उत्पाद का 6% खर्च करने के लिए असम सरकार की प्रशंसा की.

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि नई शिक्षा नीति छात्रों को उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित करेगी. “ये शिक्षा सुधार एक नए भारत के लिए एक नई सुबह की शुरुआत करेंगे,” उन्होंने कहा. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पहले ही एनईपी को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और राज्य मंत्रिमंडल 25 नवंबर को अपनी अगली बैठक में इस ढांचे को मंजूरी देगा.  उन्होंने अगले तीन वर्षों में असम के पांच कॉलेजों को विश्वविद्यालयों में अपग्रेड करने की योजना की भी घोषणा की.



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First Published : 21 Nov 2021, 08:52:18 AM


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