प्रयागराज हिंसा के मास्टरमाइंड जावेद पंप की पत्नी परवीन फातिमा की याचिका पर सुनवाई आज, जानें पूरा मामला

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प्रयागराज. 10 जून को जुमे की नमाज के बाद भड़की हिंसा के मास्टरमाइंड जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप की पत्नी परवीन फातिमा ने मकान ध्वस्तीकरण कार्रवाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है. परवीन फातिमा की ओर से दाखिल याचिका की सुनवाई जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस  विक्रम डी चौहान की खंडपीठ सोमवार 27 जून को करेगी. याचिका पर सुबह 11 बजे के करीब सुनवाई होने की उम्मीद है.

याची परवीन फातिमा का कहना है कि उसके मकान का ध्वस्तीकरण कानून के खिलाफ किया गया है. मकान हिंसा के आरोपी उसके पति जावेद मोहम्मद का नहीं है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि कार्रवाई बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाये की गई है. याचिका में मुआवजा दिलाये जाने और अवैध कार्रवाई करने के दोषी अधिकारियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही करने की भी मांग की गई है. परवीन फातिमा ने सरकारी अमले पर गलत व मनमाने तरीके से बुलडोजर चलाकर मकान गिराए जाने का भी आरोप लगाया है.

याची ने की है ये मांग
याचिका में कहा गया है कि मकान उनके नाम था, जबकि नोटिस उनके पति जावेद पंप के नाम जारी की गई थी. याचिका में मकान दोबारा बनवा कर दिए जाने और जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है. इसके साथ ही उचित मुआवजा दिए जाने और मकान बनने तक सरकारी आवास दिए जाने की भी मांग की गई है. याचिका में खुद को बेटी समेत दो दिनों तक अवैध तरीके से सिविल लाइन स्थित महिला पुलिस थाने में हिरासत में रखे जाने की शिकायत की गई है. यह याचिका पत्नी परवीन फातिमा व बेटी सुमैया की तरफ से 21 जून को दाखिल की गई है. हालांकि याचिका में अर्जेंसी के आधार पर सुनवाई की मांग नहीं की गई है.

जावेद को बनाया गया है हिंसा का मास्टरमाइंड
गौरतलब है कि प्रयागराज में 10 जून को जुमे की नमाज के बाद जमकर हिंसा और बवाल हुआ था. जिस मामले में जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप को पुलिस ने हिंसा का मास्टरमाइंड बताया है. हिंसा के मामले में करेली थाने में एक और खुल्दाबाद थाने में दो मुकदमे दर्ज कराए गए थे. इन मुकदमों में 80 से ज्यादा लोग नामजद और 5000 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जबकि जावेद मोहम्मद को हिंसा का मास्टरमाइंड बताते हुए हिंसा के दिन 10 जून को ही गिरफ्तार कर लिया गया था. इसके साथ ही जावेद की पत्नी परवीन फातिमा और छोटी बेटी सुमैया फातिमा को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की थी. लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था.

12 जून को हुई थी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
इस बीच प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने 11 जून को जावेद मोहम्मद के घर पर एक नोटिस चस्पा किया. जिस नोटिस में कहा गया कि जावेद मोहम्मद का मकान पीडीए से नक्शा स्वीकृत कराए बगैर बनाया गया है जो कि अवैध है. पीडीए के नोटिस के मुताबिक 10 मई 2022 को पीडीए ने नोटिस जारी की थी और 24 मई तक जवाब मांगा था. जवाब ना दाखिल होने पर पीडीए ने 25 मई की तारीख में ध्वस्तीकरण आदेश पारित किया था. उसी के क्रम में यह नोटिस चस्पा की गई थी. नोटिस के मुताबिक अगले दिन दोपहर 12 बजे तक की मोहलत घर खाली करने की दी गई थी. जिसके बाद पीडीए ने 12 जून को जावेद मोहम्मद का जेके आशियाना कॉलोनी गौस नगर करेली स्थित करीब 5 करोड़ की लागत का 2 मंजिला आलीशान मकान को बुलडोजर और पोकलेन मशीनों से करीब 3 से 4 घंटे में ध्वस्त कर दिया था. याची परवीन फातिमा का कहना है कि मकान ध्वस्त किए जाने से अब उनका परिवार अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं. यह मकान उनके पति जावेद का नहीं था बल्कि उनके पिता से उन्हें गिफ्ट के तौर पर मिला था.

देवरिया जेल में बंद है जावेद पंप
गौरतलब है कि पुलिस ने हिंसा के मास्टरमाइंड जावेद मोहम्मद को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था. जहां से उसे नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया गया था. बाद में सुरक्षा कारणों और प्रशासनिक आधार पर जावेद मोहम्मद को नैनी सेंट्रल जेल से देवरिया जेल शिफ्ट कर दिया गया है. पुलिस ने दो दिन के रिमांड पर जावेद मोहम्मद को लेकर पूछताछ भी की है.

Tags: Prayagraj, UP latest news, UP Violence



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