प्लाट-फ्लैट की इन रजिस्ट्री पर फीस नहीं लेगी नोएडा अथॉरिटी, जानें प्लान

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नोएडा. प्लाट-फ्लैट (Plot-Flat) और दुकान की रजिस्ट्री कराने वालों को नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) एक बड़ी राहत देने जा रही है. कुछ खास रजिस्ट्री (Registry) पर अथॉरिटी अब अपने हिस्से की फीस नहीं लेगी. हाल ही में अथॉरिटी ने एक प्रस्ताव तैयार किया है. प्रस्ताव के तहत भाई अगर बहन को या फिर बहन भाई को अगर मकान-दुकान ट्रांसफर करती है तो अथॉरिटी इस पर फीस (Fees) नहीं लेगी. सीईओ की मंजूरी के बाद इस प्रस्ताव को बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा. अभी तक अथॉरिटी इस तरह की आवासीय रजिस्ट्री पर चार से पांच फीसद तक फीस लेती है.

इन हालात में दादा पोते के नाम करते हैं प्रापर्टी

जानकारों की मानें तो अभी तक रजिस्ट्री के केस में यह सामने आता था कि बेटे की मौत हो जाने के बाद दादा पोते के नाम प्रापर्टी ट्रांसफर करना चाहता था. लेकिन इसके लिए नोएडा अथॉरिटी में भारी-भरकम स्टाम्प शुल्क और फीस चुकानी होती है. जबकि बेटे के नाम ट्रांसफर करने पर यह फीस नहीं लगती है. क्योंकि नोएडा अथॉरिटी के रूल में दादा और पोते को ब्लड रिलेशन में नहीं माना था. जबकि स्टाम्प शुल्क और फीस से छूट सिर्फ ब्लड रिलेशन में ही दी जाती है. अथॉरिटी में बेटे-बेटी और पिता को ही ब्लड रिलेशन में माना गया है.

कोरोना की वजह से बढ़ गई ऐसे केस की संख्या

जानकारों का कहना है कि कोरोना के बाद से नोएडा अथॉरिटी में ऐसे केस की संख्या बढ़ गई थी जहां दादा अपने पोते के नाम प्रापर्टी को ट्रांसफर करना चाहते थे. क्योंकि कोरोना के चलते बेटे की मौत हो चुकी थी. दादा भी अपनी उम्र के चलते प्रापर्टी परिवार के नाम करना चाहते हैं. लेकिन स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस के चलते आवेदन करने के बाद भी बहुत सारे लोग प्रापर्टी ट्रांसफर कराने नहीं आ रहे थे. लेकिन नोएडा अथॉरिटी की इस छूट का ऐसे लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा.

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कोरोना में प्रापर्टी को लेकर आई थी यह परेशानी

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान किसी के पति की मौत हो गई तो किसी के पिता इस दुनिया से चले गए. आर्थिक हालात ठीक नहीं हैं. सोचा कि फ्लैट बेचकर घर का गुजारा चला लें, तो मालूम पड़ा कि अपना होते हुए भी फ्लैट बिक नहीं सकता है. क्योंकि पूरा पैसा लेने के बाद भी बिल्डर्स ने फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं की है.

इसलिए कोई भी खरीदार बिना रजिस्ट्री के फ्लैट लेने को तैयार नहीं है. ग्रेटर नोएडा और नोएडा में यह कहानी किसी एक नहीं हजारों घरों की थी और आज भी है. लेकिन बिल्डर्स के हाथों मजबूर हैं कि कुछ कर नहीं सकते. नोएडा एस्टेट फ्लैट ओनर्स मेन एसोसिएशन भी इस मामले को कई बार उठा चुकी है.

Tags: Corona, Noida Authority, Property tax



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