फिर टला New Noida का मास्टर प्लान, अथॉरिटी को नहीं आया पसंद

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नोएडा. गौतम बुद्ध नगर (Gautam Budh Nagar) और बुलंदशहर के 84 गांवों को मिलाकर न्यू नोएडा बसाने का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है. मास्टर प्लान बनाने की जिम्मेदारी दिल्ली (Delhi) की स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर कंपनी को दी गई है. इस हफ्ते नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) में मास्टर प्लान पेश किया गया. लेकिन कई सारी आपत्तियों के बाद रितु माहेश्वारी, सीईओ, अथॉरिटी प्लान को वापस कर दिया. अब सितम्बर में मास्टर प्लान (Master Plan) पेश करने की तारीख दी गई है. गौरतलब रहे इससे पहले भी नोएडा अथॉरिटी आपत्तियों के साथ प्लान को वापस कर चुकी है.

डीएनजीआईआर नाम भी दिया गया है न्यू नोएडा को

नोएडा अथॉरिटी के अफसरों की मानें तो इस योजना में एसईजेड भी विकसित किया जाएगा. एसईजेड के अंतर्गत इंडस्ट्रियल यूनिट, इंडस्ट्रियल एस्टेट्स, एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग जोन, आईटी, आईटीएस और बायोटेक जोन, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, नॉलेज हब, लॉजिस्टिक हब और इंटिग्रेटेड टाउनशिप को इस योजना में मौका दिया जाएगा. उनका कहना है कि नोएडा के अनुभव और सीईओ रितु माहेश्वरी की प्लानिंग को देखते हुए नोएडा अथॉरिटी को इस बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है.

ईस्टर्न-वेस्टर्न फ्रेट रेल कॉरिडोर का हब बनेगा न्यू नोएडा

210 वर्ग किमी में बसने वाला न्यू नोएडा कई मायनों में खास होगा. सबसे बड़ी बात यह कि दो अहम रेल कॉरिडोर न्यू नोएडा से होकर ही गुजरेंगे. न्यू नोएडा रेल कॉरिडोर का हब बनेगा. दिल्ली-मुम्बई और अमृतसर से कोलकाता रेल कॉरिडोर का यहां बड़ा हाल्ट होगा. इससे दिल्ली-एनसीआर के कारोबार को बड़ा फायदा मिलेगा.

प्लाट-फ्लैट की इन रजिस्ट्री पर फीस नहीं लेगी नोएडा अथॉरिटी, जानें प्लान

फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद मार्ग (एफएनजी) से भी न्यू नोएडा को कनेक्ट किया जाएगा. न्यू नोएडा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के दोनो तरफ बसाया जाएगा. इसमे गौतम बुद्ध नगर के 20 और बुलंदशहर के 60 गांव शामिल रहेंगे. हालांकि नोएडा अथॉरिटी कुछ तकनीकी वजह के चलते 12 गांवों को और न्यू नोएडा में शामिल करने जा रही है.

लैण्डपूलिंग के तहत न्यू नोएडा में कारोबार करेंगे किसान

न्यू नोएडा को बसाने के दौरान नोएडा अथॉरिटी लोकल किसानों के लिए बड़ी योजना ला रही है. नए नोएडा में किसानों को कारोबार करने का मौका दिया जाएगा. न्यू नोएडा के लिए गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर के 80 से ज्यादा गांवों के किसानों की जमीन ली जाएगी. लेकिन लैण्डपूलिंग के तहत जिनकी जमीन ली जाएगी उन्हें शहर विकसित करने के बाद 25 फीसद जमीन वापस कर दी जाएगी. इसे किसान बिल्डर और कंपनियों को बेच सकेंगे या खुद कारोबार कर सकेंगे.

Tags: Dadri News, Delhi-ncr, Noida Authority



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