फ्लाइट में जन्मे बच्चे के जन्म प्रमाण-पत्र के लिये एयरपोर्ट प्रशासन जल्द जारी करेगा पत्र Rajasthan News- Jaipur News- Birth certificate case-Child born in flight- Airport administration will soon issue letter for birth certificate

0
134


मासूम के जन्म प्रमाण-पत्र को लेकर भटक रहे उसके परिजनों की पीड़ा को न्यूज 18 ने पूरी शिद्दत के पाठकों के सामने रखा था.

News 18 Impact: फ्लाइट में जन्म लेने वाले मासूम के जन्म प्रमाण-पत्र (Birth certificate) की राह में आ रही बाधायें दूर हो गई हैं. इस मामले में जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन जल्द ही पूरे मामले को लेकर पत्र जारी करेगा.

जयपुर. 22 दिन पहले फ्लाइट में जन्म लेने वाले मासूम के जन्म प्रमाण-पत्र (Birth certificate) को लेकर आ रही अड़चनें दूर हो गई है. न्यूज 18 की मुहिम के बाद जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन (Airport administration) की हरकत में आ गया है. एयरपोर्ट प्रशासन जल्द ही अब नवजात के जन्म प्रमाण-पत्र के लिये अपनी तरफ से पत्र जारी (Letter issued) करेगा. मासूम के जन्म प्रमाण-पत्र को लेकर भटक रहे उसके परिजनों की पीड़ा को न्यूज 18 ने पूरी शिद्दत के साथ उठाया था. बच्चे के जन्म के बाद उसके जन्म प्रमाण-पत्र बनाने में आई दिक्कतों के कारण यह मामला सुर्खियों में बना हुआ था.

22 मार्च को ललिता नाम की महिला बेंगलुरु से जयपुर आने के लिए फ्लाइट में बैठी थी. ये महिला अजमेर के ब्यावर की रहने वाली है. सफर के दौरान जैसे ही जयपुर नजदीक आने लगा तो ललिता के अचानक से प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. फ्लाइट इंडिगो एयरलाइन्स की थी. आनन फानन में इंडिगो के स्टाफ ने उड़ते प्लेन में ही एक महिला चिकित्सक और क्रू मेंबर के सहयोग से सफल प्रसव करवाया. उसके बाद जच्चा और बच्चा सकुशल जयपुर लैंड कर गए.

यहां से शुरू हुआ परेशानियों का सिलसिला
कहानी में पेचीदगी यहीं से शुरू होती है. ललिला और उसके पति भैंरू सिंह अजमेर जिले में स्थित अपने गांव पहुंचकर बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट बनाना के इच्छा जताते हैं. लेकिन सरकारी दफ्तर उसके जन्म की जगह पूछता है. दंपति जन्म की जगह आसमान और प्लेन को बताते हैं तो सरकारी दफ्तर इस आधार पर सर्टिफिकेट देने से मना कर देते हैं. जानकारी और सही गाइडेंस के अभाव में मासूम के पिता भैरूं सिंह गत करीब एक सप्ताह से सरकारी कार्यालयों में दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो जाते हैं. मामले को सुलझाने के लिए न्यूज18 की टीम जुटती है और नगर निगम के दफ्तर से लेकर एयरपोर्ट अथोरिटी और इंडिगो एयरलाइन्स से बात करती है.फ्लाइट में जन्मा बच्चा: 22 दिन से नहीं मिला नवजात को जन्म प्रमाण-पत्र, सुने पिता की जुबानी पूरी कहानी

इंडिगो साफ तौर पर झाड़ा पल्ला
इंडिगो साफ तौर पर इस मामले में पल्ला झाड़ता लेता है। उसका कहना है कि ऐसा कोई नियम नहीं है कि बच्चे को एयरलाइन्स सर्टिफिकेट जारी करें. न्यूज18 की टीम जयपुर एयरपोर्ट अथोरिटी से बात करती है. वहां भी यही जवाब मिलता है लेकिन वहां एक रास्ता भी सुझाया जाता है. जयपुर एयरपोर्ट डायरेक्टर कहते हैं कि अगर बच्चे के माता पिता उनके यहां लिखित आवेदन करते हैं तो वो एयरपोर्ट पर घटित हुई पूरी प्रसव प्रक्रिया के बारे में लिखकर देने को तैयार हैं. इस लिखित दस्तावेज को नगर निगम में दिखाकर बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट बनाया जा सकता है. इस जटिलता को न्यूज18 ने सामाजिक सरोकार की तरह लिया और अपनी जिम्मेदारी समझते हुए बच्चे के बर्थ सर्टिफिकटे बनाने का रास्ता निकाला. अब देर बस इस बात की है कि बच्चे के माता पिता को जयपुर एयरपोर्ट अथोरिटी से संपर्क करना है.

अगर प्‍लेन में बच्‍चे का जन्‍म हुआ तो जहां लैंड करेगा, उसी शहर को माना जाएगा बर्थ प्‍लेस, जानें कैसे बनेगा सर्टिफिकेट?

दिल्ली में इसी तरह का वाकया सामने आया था
इससे पहले भी दिल्ली में इसी तरह का वाकया सामने आया था. उस बच्चे के माता पिता को भी इसी समस्या से गुजरना पड़ा था. एयरपोर्ट डायरेक्टर ने बताया कि ऐसे मामलों की कोई गाइडलाइन सरकार की तरफ से उनके पास नहीं है. बात सही भी है कि ऐसे मामले विरले ही सामने आते हैं. उम्मीद की जा रही है ऐसे मामले सामने आने के बाद केन्द्र सरकार कोई गाइडलाइन जारी कर सकती है.



<!–

–>

<!–

–>


window.addEventListener(‘load’, (event) => {
nwGTMScript();
nwPWAScript();
fb_pixel_code();
});
function nwGTMScript() {
(function(w,d,s,l,i){w[l]=w[l]||[];w[l].push({‘gtm.start’:
new Date().getTime(),event:’gtm.js’});var f=d.getElementsByTagName(s)[0],
j=d.createElement(s),dl=l!=’dataLayer’?’&l=”+l:”‘;j.async=true;j.src=”https://www.googletagmanager.com/gtm.js?id=”+i+dl;f.parentNode.insertBefore(j,f);
})(window,document,’script’,’dataLayer’,’GTM-PBM75F9′);
}

function nwPWAScript(){
var PWT = {};
var googletag = googletag || {};
googletag.cmd = googletag.cmd || [];
var gptRan = false;
PWT.jsLoaded = function() {
loadGpt();
};
(function() {
var purl = window.location.href;
var url=”//ads.pubmatic.com/AdServer/js/pwt/113941/2060″;
var profileVersionId = ”;
if (purl.indexOf(‘pwtv=’) > 0) {
var regexp = /pwtv=(.*?)(&|$)/g;
var matches = regexp.exec(purl);
if (matches.length >= 2 && matches[1].length > 0) {
profileVersionId = “https://hindi.news18.com/” + matches[1];
}
}
var wtads = document.createElement(‘script’);
wtads.async = true;
wtads.type=”text/javascript”;
wtads.src = url + profileVersionId + ‘/pwt.js’;
var node = document.getElementsByTagName(‘script’)[0];
node.parentNode.insertBefore(wtads, node);
})();
var loadGpt = function() {
// Check the gptRan flag
if (!gptRan) {
gptRan = true;
var gads = document.createElement(‘script’);
var useSSL = ‘https:’ == document.location.protocol;
gads.src = (useSSL ? ‘https:’ : ‘http:’) + ‘//www.googletagservices.com/tag/js/gpt.js’;
var node = document.getElementsByTagName(‘script’)[0];
node.parentNode.insertBefore(gads, node);
}
}
// Failsafe to call gpt
setTimeout(loadGpt, 500);
}

// this function will act as a lock and will call the GPT API
function initAdserver(forced) {
if((forced === true && window.initAdserverFlag !== true) || (PWT.a9_BidsReceived && PWT.ow_BidsReceived)){
window.initAdserverFlag = true;
PWT.a9_BidsReceived = PWT.ow_BidsReceived = false;
googletag.pubads().refresh();
}
}

function fb_pixel_code() {
(function(f, b, e, v, n, t, s) {
if (f.fbq) return;
n = f.fbq = function() {
n.callMethod ?
n.callMethod.apply(n, arguments) : n.queue.push(arguments)
};
if (!f._fbq) f._fbq = n;
n.push = n;
n.loaded = !0;
n.version = ‘2.0’;
n.queue = [];
t = b.createElement(e);
t.async = !0;
t.src = v;
s = b.getElementsByTagName(e)[0];
s.parentNode.insertBefore(t, s)
})(window, document, ‘script’, ‘https://connect.facebook.net/en_US/fbevents.js’);
fbq(‘init’, ‘482038382136514’);
fbq(‘track’, ‘PageView’);
}



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here