फ्लैट खरीदने जा रहे हैं तो फ्रॉड से बचने को रेरा ऐसे देगा जानकारी

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नोएडा. सुपरटेक बिल्डर (Supertech Builder) के गिरने की कहानी सभी के सामने आ चुकी है. ट्विन टावर (Twin Tower) में तकनीकी कमियां और भ्रष्टाचार इतना था कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने उसे अस्पताल या किसी और काम में इस्तेमाल करने तक के बारे में नहीं सोचा. 12 साल की लम्बी लड़ाई के बाद टावर तो गिर गए, लेकिन टावर में बने फ्लैट की बुकिंग में करोड़ों रुपये लगा चुके फ्लैट बॉयर्स (Flat Buyers) को भी खासी परेशानी उठानी पड़ी. अगर आप भी कहीं किसी प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कराने जा रहे हैं तो अलर्ट हो जाएं. किसी भी नए प्रोजेक्ट के बारे में पहले पूरी डिटेल हासिल कर लें. यूपी रेरा (UP RERA) अपनी बेवसाइट पर प्रोजेक्ट से जुड़ी सारी जानकारी देता है.

साथ चुका रहे हैं लोन की ईएमआई और मकान का किराया

गौरतलब रहे एनसीआर के शहर नोएडा-ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में लाखों लोग फ्लैट खरीदने के नाम पर धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ही करीब 1.5 लाख फ्लैट खरीदार ऐसे हैं जिन्होंने 90 फीसद से लेकर 100 फीसद तक अपने फ्लैट का भुगतान कर दिया है. लेकिन अभी तक उन्हें फ्लैट पर या तो कब्जा नहीं मिला है, अगर कब्जा मिल भी गया है तो रजिस्ट्री नहीं हुई है. कहीं-कहीं पर तो प्रोजेक्ट का सिर्फ ढांचा ही खड़ा हुआ है. बहुत सारे खरीदार बैंक में फ्लैट पर लिए लोन की किस्त और मकान का किराया दोनों ही दे रहे हैं.

प्रोजेक्ट के बारे में फ्लैट खरीदार को मिलेगी यह जानकारी

यूपी रेरा ने बिल्डर्स से 3183 प्रोजेक्ट के बारे में डिटेल रिपोर्ट मांगी है. यह रिपोर्ट मिलते ही इसे यूपी रेरा की बेवसाइट पर जारी कर दिया जाएगा. इस रिपोर्ट में फ्लैट खरीदार को प्रोजेक्ट से जुड़े बिल्डर का नाम, प्रोजेक्ट की कैटेगिरी, संबंधित अथॉरिटी का नाम, प्रोजेक्ट शुरू और पूरा होने की वास्तविक तिथि, स्वीकृत प्लान का वक्त, प्रोजेक्ट पूरा करने की संशोधित तिथि, कुल टावर और ब्लॉक, कुल यूनिट, बनकर तैयार टावर और यूनिट, पिछली तिमाही प्रगति रिपोर्ट, रिपोर्ट नहीं देने पर लगा जुर्माना, कंप्लीशन और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट की तारीख, खरीदारों की शिकायत, यूपी रेरा के रिफंड, कितने खरीदारों को कब्जा दिया, कितने फ्लैट तैयार हैं, कितने बाकी और कब्जा देने के आदेश समेत और भी कई बिंदुओं पर जानकारी मिल सकेगी.

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ऐसे होती है फ्लैट खरीदार संग धोखाधड़ी

नोएडा एस्टेट फ्लैट ओनर्स मेन एसोसिएशन (नेफोमा) अध्यक्ष अन्नू खान का कहना है, “नोएडा-ग्रेटर नोएडा में किसी भी बिल्डर को प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद संबंधित अथॉरिटी कम्पलीशन सर्टिफिकेट देती है. यह सर्टिफिकेट तब मिलता है जब बिल्डर अथॉरिटी का सभी तरह का बकाया जमा करा देता है. इसके बाद ही बिल्डर खरीदार को फ्लैट की रजिस्ट्री कर सकता है.

लेकिन एनसीआर के इन शहरों में बहुत सारे ऐसे प्रोजेक्ट हैं जहां बिल्डर ने फ्लैट खरीदार को कब्जा तो दे दिया, लेकिन 10-12 साल बीत जाने के बाद अभी तक रजिस्ट्री नहीं की है. क्योंकि बिल्डर ने अथॉरिटी में अपना बकाया जमा नहीं कराया है. लेकिन अफसोस इस बात का है कि ऐसे मामलों पर सभी संबंधित लोग खामोश रहते हैं. अकेले नोएडा-ग्रेटर नोएडा में ऐसे पीड़ित फ्लैट बायर्स की संख्या करीब 1.25 लाख है.”

Tags: Own flat, Supertech twin tower, UP RERA



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