बड़ी खबर: केजरीवाल सरकार ने ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तीन IAS अधिकारियों को नियुक्त किया

0
25


दिल्ली में DRDO 5 ऑक्सीजन प्लांट लगाएगा.

अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने पर्याप्त ऑक्सीजन आपूर्ति (Oxygen Supply) और बेहतर वितरण सुनिश्चित करने के लिए तीन आईएएस अधिकारियों और 20 से अधिक कॉल सेंटर कर्मचारियों को नियुक्त किया है.

नई दिल्ली. दिल्ली सरकार के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों ने मंगलवार को जूम के जरिए ऑक्सीजन (Oxygen) की आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन को लेकर बैठक की. इसके संबंध में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने पर्याप्त ऑक्सीजन आपूर्ति और बेहतर वितरण सुनिश्चित करने के लिए तीन आईएएस अधिकारियों (IAS Officers) और 20 से अधिक कॉल सेंटर कर्मचारियों को नियुक्त किया है. ऑक्सीजन की आपूर्ति मंगलवार को 450 मीट्रिक टन और परसों तक 500 मीट्रिक टन की सीमा तक पहुंचनी चाहिए. केजरीवाल सरकार कोविड-19 महामारी के मुश्किल समय में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सभी प्रयास कर रही है और ऑक्सीजन आपूर्ति प्रबंधन को बेहतर करने पर काम कर रही है. दिल्ली सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन के वितरण के नेटवर्क में सुधार करने के लिए चौबीसों घंटे काम किया जा रहा है. दिल्ली में ऑक्सीजन की मांग और ये है तैयारी वर्तमान में ऑक्सीजन की आपूर्ति देश के पूर्वी हिस्सों से हो रही है, जिसके कारण काफी समय लग रहा है. दिल्ली में दो दिन पहले से ही ट्रेन के जरिए ऑक्सीजन की आवाजाही शुरू हो गई और 120 मीट्रिक टन ऑक्सीजन तुगलकाबाद रेलवे स्टेशन पर आ गई. दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन की मांग को पूरा करने के लिए भारत सरकार के अधिकारियों के साथ निकटता से काम कर रही है. रेल मंत्रालय, आईओसीएल और कॉनकॉर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों को दिल्ली में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है. भारत सरकार ने दिल्ली को अतिरिक्त सात आईएसओ कंटेनर दिए हैं. दिल्ली सरकार ने प्रत्येक ऑक्सीजन प्लांट के स्थानों पर अधिकारियों की एक टीम को भी तैनात किया है. यह टीम यह सुनिश्चित करती है कि दिल्ली को ऑक्सीजन की आपूर्ति में कोई गड़बड़ी और प्रशासनिक बाधा न आए.

Arvind Kejriwal will write a letter to the Chief Ministers

सीएम ने कहा कुछ दिनों में ऑक्सीजन का संकट खत्म होने की संभावना है.

एसओएस अलर्ट के जरिए ऑक्सीजन से जुड़ी स्थिति पर रहेगी नजर एसओएस अलर्ट के जरिए ऑक्सीजन से जुड़ी स्थिति की गंभीरता का पता लगाने के लिए दैनिक आधार पर निगरानी की जा रही है. राष्ट्रीय राजधानी में बड़े अस्पताल तरल ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं. जबकि, छोटे अस्पताल मिश्रित तरल ऑक्सीजन और गैस सिलेंडर का उपयोग कर रहे हैं. दिल्ली के भीतर 14 रिफिलर हैं. इन रिफिलरों को विभिन्न आपूर्तिकर्ताओं से तरल ऑक्सीजन मिलती है. इसके बाद वे गैस सिलेंडर भरते हैं और उन्हें विभिन्न संस्थानों तक पहुंचाते हैं. दिल्ली की एक-चौथाई ऑक्सीजन आपूर्ति सिलेंडर पर निर्भर है.
आपातकालीन हेल्पलाइन बनाई गई है इस दिक्कत को दूर करने के लिए दिल्ली सरकार ने प्रणाली को विकेंद्रीकृत किया है और संबंधित डीएम को कामकाज सुनिश्चित करने के लिए शक्तियां दी हैं. संभागीय आयुक्तों के तहत टीमों का गठन किया गया है, जो टैंकरों की गतिविधियों पर बारीकी से निगरानी रख रहे हैं. दिल्ली ने ऑक्सीजन के बेहतर उपयोग के लिए एक उचित वितरण और आवंटन रणनीति तैयार की है. कई गैर-सरकारी संगठन और धार्मिक संगठन इस महामारी से लड़ने में बहुत मदद कर रहे हैं. ऑक्सीजन संकट के लिए तीन आईएएस अधिकारियों के नेतृत्व में आपातकालीन हेल्पलाइन बनाई गई है जो कि 24 घंटे संचालित है. बीस से अधिक कॉल सेंटर कर्मचारी दिन-रात काम कर रहे हैं.

oxygen crisis in delhi, Delhi government, delhi high court, highcourt, manish sisodiya, delhi news, covid -19, oxygen supply in delhi, custom duty, Coronavirus, COVID-19, Oxygen Concentrators, Delhi Government, Arvind Kejriwal, Delhi Fights Corona, Oxygen Plants, दिल्ली में ऑक्सीजन की किल्लत, ऑक्सीजन को लेकर हाईकोर्ट की सक्त टिप्पणी, दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, कस्टम विभाग, दिल्ली न्यूज, डिप्टी सीएम, ऑक्सीजन की कमी, आईसीयू बेड, कोरोनावायरस, कोविड-19, ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर, दिल्ली सरकार, अरविंद केजरीवाल, दिल्ली फाइट्स कोरोना, HC Strict comment on Oxygen crisis in delhi said tell how many oxygen concentrators are stuck in the Customs NODRSS

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में योगदान देने के लिए भारत और बाहर के लोगों के लिए पोर्टल की शुरुआत की गई है.

ये भी पढ़ें:बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद राज्यों के क्षत्रपों को परास्त करना होगी BJP की आगे की रणनीति दूसरी तरफ दिल्ली सरकार कोरोना के बढ़ते संक्रमण से निपटने के लिए बेड़ों की संख्या बढ़ाने के लिए भी काम कर रही है. सरकार की कोशिश है कि सरकारी अस्पतालों में बेडों की क्षमता 5200 से बढ़ाकर 7200 की जाए. दिल्ली सरकार बेड की क्षमता बढ़ाने के लिए गैर-कोविड अस्पतालों को कोविड केयर अस्पतालों में बदलने के लिए दिन-रात काम कर रही है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 3 मई 2021 को 89,297 टीके लगाए गए हैं. टीकाकरण की पहली डोज 61 हजार से अधिक लोगों को दी गई है.



<!–

–>

<!–

–>




Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here