भारत-अमेरिका की सेनाओं ने नष्ट किए आतंकियों के ठिकाने, तोप से बरसते गोलों से थर्राया रेगिस्तान

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बीकानेर. भारत और अमेरिका के बीच बीकानेर महाजन रेंज में 15 दिनों तक चलने वाले इस युद्धाभ्यास में दोनों देशों की सेनाएं संयुक्त रूप से अपने रणकौशल का शानदार प्रदर्शन किया तो रेंज के रेतीले धोरों पर आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त लड़ाई की तकनीक को एक दूसरे से साझा किया.

रेगिस्तान रविवार को धमाकों की गूंज उन देशों को बेचैन कर रही थी, जो आतंकवाद को बढ़ावा देने की सोच रखते हैं. महाजन फील्ड फायरिंग रेंज आज अमेरिका और भारत के जोश और दमखम से थर्रा रहा है. आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों की यह तस्वीर आतंकियों के लिए नासूर बनती नजर आई. दोनों सेनाओं के जवान पिछले 13 दिनों से आतंकियों के खिलाफ रण भूमि में डटे हुए हैं. 8 तारीख से बीकानेर की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत-अमेरिका की सेना के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास चल रहा हैं, जिसमें देशों की सेनाएं संयुक्त रूप से रण कौशल का प्रदर्शन कर रही हैं.

इसके साथ ही दोनों देशों के सैनिकों ने पुरानी व अत्याधुनिक प्रणाली के साथ एक दूसरे के हथियारों के बारे में गहनता से जानकारी को एक दूसरे से साझा किया. बीकानेर के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आठ फरवरी से भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास का आगाज हुआ. भारत-अमेरिका द्विपक्षीय अभ्यासों की श्रंखला 2004 में इस एक्सरसाइज ‘युद्धाभ्यास-20’ का ये अमेरिका ओर भारत का सोलहवां संस्करण है. रेगिस्तानी इलाके में काउंटर टेररिज्म के खिलाफ एकजुटता देखने को मिली.

भारत और अमेरिका आतंकवाद के खतरे से वाकिफ है इसलिए आतंकवाद को लेकर कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं. इस युद्धाभ्यास में भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व, सप्त शक्ति कमान की 11वीं बटालियन जम्मू- कश्मीर राइफल्स कर रही है. वहीं, अमेरिका सेना का प्रतिनिधित्व 2 इन्फेंट्री बटालियन, 3 इन्फेंट्री रेजिमेंट, 1-2 स्ट्राइकर ब्रिगेड कॉम्बेट टीम के सैनिक कर रहे है.विश्व की दो महान सेनाओं ने एक-दूसरे को समझा 

डिफेंस पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल अमिताभ शर्मा ने बताया कि यह युद्धाभ्यास एंटी टेररिज्म संचालन पर केद्रित होगा. इस युद्धाभ्यास का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच सामरिक स्तर पर अभ्यास और एक दूसरे की सर्वोत्तम प्रथाओं, सहयोग और तालमेल को बढ़ाना है, यूएसए आर्मी के पीआरओ मेजर सपेंशर गैरिसन ने कहा कि विश्व की दो महान और बड़ी साहसी सेनाओं के बीच बेहतर सामंजस्य के साथ हो रहा ये युद्धाभ्यास आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में काफी महत्वपूर्ण साबित होगा. भारत ने इस युद्याभ्यास से अपने विरोधी दुश्मनों को कड़ी चेतवानी दे दी है.

युद्धाभ्यास के लिए बनाया गया काल्पनिक गांव 

युद्धाभ्यास में रेगिस्तान के धोरो के बीच एक काल्पनिक गांव बनाया गया इस गांव में आतंकियों के छुपे होने की खबर के साथ ही  दोनो सेना के जवानो के सामने आतंकियों के ठिकानो पर बमबारी कर उन्हें ख़त्म करना था. वही आतंकियों के इरादों को नेस्तनाबूद करने के लिए रेत के समंदर में दोनो सेना के जवान हेलीकॉप्टर से संयुक्त रूप से नीचे उतरे. इसके बाद आतंकियो की मौजूदगी के मूवमेंट को भांपा गया. उसके बाद सभी टीम धीरे धीरे अपने दुश्मन के इरादों को खत्म करने के लिए आगे बढ़ी. रेगिस्तान में एक तरफ अमेरिका का स्ट्राइकर टैंक तो दूसरी तरफ भारत के सारथ टैंक की गर्जन सुनाई दे रही है.

ऐसे चला आतंकियों के खिलाफ सर्च अभियान

हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद दोनों सेनाओं के जवान चार्ली रेंज पहुंचे जहां पर दोनों सेनाओं के सैनिकों ने मोर्चा संभाल लिया. इसके बाद स्ट्राइकर के साथ सैनिक उस गांव में पहुंचे, जहां पर आतंकियों के छुपे होने की आशंका थी. सैनिकों द्वारा सर्च ऑपरेशन किया गया और आतंकियो को खत्म करने की मुहिम छेड़ी गई. इसके बाद टेंकरो के जरिये दूर तक गोलों से दुश्मनों को खत्म किया गया. टैंक के माध्यम से दुश्मन को टारगेट किया गया म और उन्हें वही खत्म कर दिया गया। इसके बाद हेलिकॉप्टर रुद्र ने उड़ान भरते हुए दूर तक दुश्मन को अपनी रेंज में लेकर मार गिराया.





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